
हाजीपुर (वैशाली), बिहार के वैशाली जिले में आयोजित सरकारी वैशाली महोत्सव के दूसरे दिन उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब भोजपुरी गायिका के कार्यक्रम के दौरान भीड़ बेकाबू हो गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को हालात काबू में करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा।
कार्यक्रम के दौरान अचानक बिगड़ी स्थिति
जानकारी के अनुसार, महोत्सव में बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम देखने पहुंचे थे। जैसे ही कल्पना पटवारी मंच पर आईं, दर्शकों का उत्साह चरम पर पहुंच गया। करीब आधे घंटे के भीतर ही भीड़ अनियंत्रित होने लगी।
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब कुछ उपद्रवी तत्वों ने कुर्सियां फेंकना शुरू कर दिया, जिससे मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। पुलिस और प्रशासन के लिए भीड़ को संभालना मुश्किल हो गया।
लाठीचार्ज कर नियंत्रित की गई भीड़
हालात बिगड़ते देख पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हल्का बल प्रयोग किया और लाठीचार्ज कर उपद्रवी तत्वों को खदेड़ा। इसके बाद धीरे-धीरे स्थिति को नियंत्रित किया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उपद्रव करने वालों को कड़ी चेतावनी भी दी गई।
गीत-संगीत से सजा था कार्यक्रम
हंगामे से पहले कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह सांस्कृतिक रंग में डूबा हुआ था। कल्पना पटवारी ने अपने कार्यक्रम की शुरुआत छठ पूजा के प्रसिद्ध गीत ‘उग हे सूर्य देव…’ से की, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
उन्होंने अपने गायन के दौरान सामाजिक मुद्दों को भी उठाया। नालंदा में हुई एक महिला के साथ दुर्व्यवहार की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे बेहद शर्मनाक बताया और इसी संदर्भ में भिखारी ठाकुर का प्रसिद्ध गीत ‘बेटी बेचवा’ प्रस्तुत किया।
इसके अलावा उन्होंने ‘बलमुआ कैसे तेजब’, ‘सेनुरवा कईसे तेजब रे छोटी ननदी’ और फिल्म नदिया के पार का लोकप्रिय गीत ‘कौने दिशा में’ गाकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
हंगामे के बाद फिर शुरू हुआ कार्यक्रम
लाठीचार्ज के बाद जब स्थिति सामान्य हुई, तो कार्यक्रम को दोबारा शुरू किया गया। मंच के सामने मौजूद दर्शकों, अधिकारियों और परिवारों ने फिर से कार्यक्रम का आनंद लिया। कई लोग अपने मोबाइल में इस पूरे कार्यक्रम को रिकॉर्ड करते भी नजर आए।
प्रशासन के सामने चुनौती बनी भीड़
वैशाली महोत्सव में इस बार भारी भीड़ उमड़ी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था चुनौतीपूर्ण हो गई। बार-बार भीड़ के उग्र होने की स्थिति बन रही थी, जिसे नियंत्रित करने में पुलिस और प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
फिलहाल, प्रशासन ने भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और भी मजबूत करने के संकेत दिए हैं, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।


