
समाचार के मुख्य बिंदु: मथुरापुर में नशेड़ियों का तांडव, विरोध करने पर गई जान
- नृशंस हत्या: नाथनगर थाना क्षेत्र के मथुरापुर में स्मैक पीने से रोकने पर 23 मार्च को रौशन कुमार पर जानलेवा हमला किया गया था।
- इलाज के दौरान मौत: सिर पर लोहे की रॉड से गंभीर चोट के कारण गुरुवार (26 मार्च) की शाम मायागंज अस्पताल में रौशन ने दम तोड़ दिया।
- बड़ी गिरफ्तारी: हत्याकांड के मुख्य आरोपी और विशनपुर पंचायत के पूर्व मुखिया कैलाश मंडल के पुत्र किशलय कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
- हृदयविदारक स्थिति: मृतक रौशन की शादी पिछले साल ही हुई थी। उसकी पत्नी 7 माह की गर्भवती है, जिसका सिर से पति का साया हमेशा के लिए उठ गया।
- पुलिसिया कार्रवाई: नाथनगर इंस्पेक्टर राजीव रंजन सिंह के नेतृत्व में छापेमारी जारी; एफएसएल (FSL) की टीम ने घटनास्थल से जुटाए वैज्ञानिक साक्ष्य।
- VOB इनसाइट: भागलपुर के शहरी और ग्रामीण इलाकों में ‘स्मैक’ (नशा) का बढ़ता प्रचलन अब जानलेवा साबित हो रहा है। अपराधी न केवल नशे में धुत रहते हैं, बल्कि टोकने पर आम नागरिकों की हत्या करने से भी नहीं हिचक रहे।
भागलपुर (नाथनगर) | 28 मार्च, 2026
सिल्क सिटी भागलपुर का नाथनगर इलाका एक बार फिर खून से लाल हो गया है। एक होनहार युवक, जिसका पूरा भविष्य उसके सामने था और जिसके घर में नन्हा मेहमान आने वाला था, उसे नशे की लत ने लील लिया। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, स्मैक पीने जैसी सामाजिक बुराई को टोकना रौशन कुमार के लिए काल बन गया। पुलिस ने इस मामले में रसूखदार पूर्व मुखिया के बेटे को दबोच लिया है, लेकिन इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल व्याप्त है।
घर के सामने पी रहे थे स्मैक: टोकने पर घर से खींचकर मारा
मृतक के भाई चंदन कुमार ने पुलिस को दिए अपने फर्द बयान में रूह कंपा देने वाली कहानी सुनाई है। 23 मार्च की शाम, जब पूरा इलाका होली के खुमार से उबर रहा था, तभी मथुरापुर में यह खूनी खेल खेला गया।
वारदात का क्रमवार ब्योरा:
- विरोध: रौशन कुमार ने अपने घर के सामने जमावड़ा लगाकर स्मैक पी रहे युवकों को वहाँ से हटने के लिए कहा।
- सुनियोजित हमला: टोकने से आक्रोशित होकर आरोपी किशलय कुमार, रोहित, आशीष और गुलझारी अपने अन्य साथियों के साथ लौटे।
- दरिंदगी: अपराधियों ने रौशन को उसके घर के भीतर से खींचकर बाहर निकाला और लाठी-डंडों व लोहे की रॉड से हमला कर दिया। मां रीना देवी के अनुसार, हमलावरों ने चुन-चुनकर रौशन के सिर पर वार किए।
अस्पताल में टूटा दम: उजड़ गई एक नई दुनिया
गंभीर रूप से घायल रौशन को तत्काल मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तीन दिनों तक जीवन और मौत के बीच जूझने के बाद गुरुवार शाम उसने अंतिम सांस ली।
- पारिवारिक त्रासदी: रौशन की शादी 8 मई, 2025 को हुई थी। घर में खुशियों का माहौल था क्योंकि उसकी पत्नी 7 माह की गर्भवती है। अब उस अजन्मे बच्चे के सिर से पिता का हाथ हमेशा के लिए उठ गया है।
- साक्ष्य संकलन: मौत के बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाई और एफएसएल टीम को मौके पर भेजा। घटनास्थल पर मिले खून के छींटे और अन्य डिजिटल साक्ष्य आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने में अहम साबित होंगे।
आरोपियों का प्रोफाइल: रसूख और अपराध का गठजोड़
नाम | पहचान / भूमिका | स्थिति |
|---|---|---|
किशलय कुमार | पुत्र, पूर्व मुखिया कैलाश मंडल (विशनपुर) | गिरफ्तार |
रोहित कुमार | नामजद आरोपी (मथुरापुर) | फरार (छापेमारी जारी) |
आशीष कुमार | नामजद आरोपी (मथुरापुर) | फरार |
गुलझारी कुमार | नामजद आरोपी (मथुरापुर) | फरार |
VOB का नजरिया: ‘स्मैक’ और ‘सफेदपोश’ संरक्षण
’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि भागलपुर में बढ़ता अपराध और नशा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
- पूर्व मुखिया के बेटे की संलिप्तता: जब रसूखदार परिवारों के युवा अपराध और नशे में शामिल होते हैं, तो यह पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन जाती है। ऐसे मामलों में राजनीतिक दबाव को दरकिनार कर कड़ी कार्रवाई जरूरी है।
- स्मैक का बढ़ता जहर: नाथनगर और आसपास के इलाकों में स्मैक की तस्करी खुलेआम हो रही है। पुलिस को ‘नशा मुक्ति’ के केवल नारे नहीं, बल्कि सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए सख्त ‘ड्राइव’ चलानी होगी।
- स्पीडी ट्रायल की मांग: इस मामले में गवाहों को सुरक्षा प्रदान करना और स्पीडी ट्रायल के जरिए आरोपियों को फांसी या उम्रकैद की सजा दिलाना ही पीड़ित परिवार के साथ असली न्याय होगा।
सुशासन और सुरक्षा की मांग
नाथनगर थाना के इंस्पेक्टर राजीव रंजन सिंह ने एक संदिग्ध को हिरासत में लेने और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। हालांकि, अन्य तीन नामजद आरोपियों का फरार होना पुलिस की मुस्तैदी पर सवाल उठाता है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) इस हत्याकांड के बाद उभरे जनाक्रोश, फरार आरोपियों की धरपकड़ और पीड़ित परिवार को मिलने वाली सरकारी सहायता की हर ताज़ा अपडेट आप तक सबसे पहले पहुँचाता रहेगा।


