सुल्तानगंज श्मशान घाट पर ‘ढोंगी तांत्रिक’ की शामत! झाड़-फूँक के नाम पर महिला से अश्लीलता; डोमराजा की सजगता से बचा सम्मान, भीड़ ने जमकर की पिटाई

समाचार के मुख्य बिंदु: पाखंड और ठगी के खिलाफ जनता का आक्रोश

  • सनसनीखेज वारदात: सुल्तानगंज के श्मशान घाट पर गुरुवार रात झाड़-फूँक (Exorcism) के बहाने एक महिला के साथ दुर्व्यवहार करने वाले पाखंडी युवक को लोगों ने रंगे हाथों पकड़ा।
  • डोमराजा की मुस्तैदी: श्मशान घाट पर मौजूद डोमराजा ने तांत्रिक की गलत हरकतों को देख लिया और शोर मचाकर स्थानीय लोगों को इकट्ठा कर दिया।
  • भीड़ का न्याय: गुस्साई भीड़ ने फर्जी तांत्रिक की जमकर धुनाई कर दी; आरोपी पर झाड़-फूँक के नाम पर दर्जनों लोगों से ठगी करने का भी आरोप है।
  • पुलिसिया कार्रवाई: पुलिस इंस्पेक्टर मृत्युंजय कुमार के अनुसार, घाट पर विवाद की सूचना मिली थी, जिसके बाद युवक से पूछताछ की गई। हालांकि, शिकायत के अभाव में उसे बाद में छोड़ दिया गया।
  • VOB इनसाइट: सुल्तानगंज जैसे धार्मिक स्थलों पर अंधविश्वास का सहारा लेकर भोले-भाले लोगों को ठगने वाले गिरोह सक्रिय हैं। यह घटना समाज को जागरूक रहने का संदेश देती है कि ‘आस्था’ और ‘अंधविश्वास’ के बीच एक पतली लकीर है, जिसका फायदा ऐसे ढोंगी उठाते हैं।

सुल्तानगंज (भागलपुर) | 28 मार्च, 2026

​भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में आस्था की आड़ में चल रहे पाखंड का एक घिनौना चेहरा सामने आया है। श्मशान घाट की शांति उस समय भंग हो गई जब एक ‘फर्जी तांत्रिक’ ने तंत्र-मंत्र की आड़ में मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दीं। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, डोमराजा की सतर्कता ने न केवल एक महिला की अस्मत बचाई, बल्कि झाड़-फूँक के नाम पर चल रहे ठगी के धंधे का भी पर्दाफाश कर दिया।

श्मशान की रात और ‘तांत्रिक’ की काली करतूत

​घटना गुरुवार की देर रात की है। एक युवक झाड़-फूँक करने के नाम पर एक महिला को लेकर सुल्तानगंज के श्मशान घाट पहुँचा। घाट के एकांत का फायदा उठाकर आरोपी युवक महिला के साथ अभद्र व्यवहार और अश्लील हरकतें करने लगा।

वारदात का क्रमवार ब्योरा:

  1. झाड़-फूँक का झांसा: आरोपी ने महिला को किसी ‘दोष’ या ‘ऊपरी हवा’ के नाम पर डराया और विशेष अनुष्ठान के लिए श्मशान घाट ले गया।
  2. डोमराजा की नजर: घाट की व्यवस्था संभालने वाले डोमराजा की नजर तांत्रिक की संदिग्ध गतिविधियों पर पड़ी। उसे अहसास हुआ कि युवक झाड़-फूँक नहीं, बल्कि महिला के साथ गलत काम करने की कोशिश कर रहा है।
  3. जनता का धावा: डोमराजा ने तुरंत आसपास के लोगों को आवाज देकर बुला लिया। मौके पर पहुँचे लोगों ने जब हकीकत देखी, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने पाखंडी युवक की पिटाई शुरू कर दी।

ठगी का बड़ा साम्राज्य: एक दर्जन से अधिक लोग शिकार

​स्थानीय लोगों से पूछताछ में पता चला कि यह युवक लंबे समय से सुल्तानगंज और आसपास के इलाकों में फर्जी तांत्रिक बनकर घूम रहा था।

  • पैसे की वसूली: लोगों का दावा है कि इसने झाड़-फूँक और असाध्य रोगों को ठीक करने के नाम पर अब तक करीब एक दर्जन लोगों से हजारों रुपये की ठगी की है।
  • ​** modus operandi (काम करने का तरीका):** यह युवक अक्सर डरे हुए और परेशान लोगों को चुनता था और उन्हें श्मशान घाट जैसे स्थानों पर ले जाकर ब्लैकमेल या दुर्व्यवहार करने का प्रयास करता था।

पुलिस का पक्ष: विवाद के बाद पूछताछ

​घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुँची। पुलिस इंस्पेक्टर मृत्युंजय कुमार ने बताया कि श्मशान घाट पर किसी बात को लेकर युवकों के बीच विवाद हुआ था। पुलिस ने आरोपी युवक को पकड़कर थाने ले गई, जहाँ उससे कड़ी पूछताछ की गई। हालांकि, किसी भी पक्ष द्वारा लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराने के कारण पुलिस ने उसे प्रारंभिक जांच और चेतावनी के बाद छोड़ दिया।

केस प्रोफाइल: एक नजर में

विवरण

जानकारी

स्थान

श्मशान घाट, सुल्तानगंज (भागलपुर)

आरोप

महिला से अश्लीलता और ठगी

मुख्य गवाह

स्थानीय डोमराजा

कार्रवाई

ग्रामीणों द्वारा पिटाई, पुलिस द्वारा पूछताछ

VOB का नजरिया: अंधविश्वास के खिलाफ लड़ाई

​’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि इस घटना ने समाज के सामने दो बड़े सवाल खड़े किए हैं।

  1. अंधविश्वास की जड़ें: आज के वैज्ञानिक युग में भी लोग झाड़-फूँक के नाम पर श्मशान घाट तक जाने को तैयार हैं, जो हमारी शिक्षा व्यवस्था और जागरूकता पर सवाल उठाता है।
  2. पुलिस की भूमिका: ऐसे मामलों में अक्सर पीड़ित महिला लोक-लाज के डर से सामने नहीं आती। पुलिस को चाहिए कि वह ऐसे ढोंगी बाबाओं का डेटाबेस तैयार करे और उनके खिलाफ स्वतः संज्ञान (Suo Moto) लेकर कार्रवाई करे ताकि भविष्य में कोई बड़ी घटना न हो।
  3. डोमराजा की सराहना: समाज के जिस वर्ग को अक्सर हाशिए पर रखा जाता है, आज उसी के एक सदस्य (डोमराजा) ने वीरता और नैतिकता की मिसाल पेश की है।

सुशासन और जागरूकता का संदेश

​सुल्तानगंज की इस घटना ने पाखंडियों के मन में डर पैदा किया है। पुलिस भले ही आरोपी को छोड़ चुकी हो, लेकिन जनता की अदालत ने उसे सजा दे दी है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) भागलपुर क्षेत्र में सक्रिय ऐसे अन्य ‘ढोंगी बाबाओं’ के खिलाफ चल रही मुहिम और पुलिस की नई ‘एंटी-सुपरस्टिशन’ ड्राइव की हर ताज़ा अपडेट आप तक सबसे पहले पहुँचाता रहेगा।

 

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