बिहार विधानसभा का पांच दिवसीय शीतकालीन सत्र जारी है। दो दिनों की कार्यवाही पूरी होने के बाद अब तीन दिन शेष हैं। शुरुआती दिनों में नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई गई और विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव संपन्न हुआ। अब आगामी दिनों में राज्यपाल का अभिभाषण, द्वितीय अनुपूरक बजट, और उस पर चर्चा प्रमुख कार्य होंगे।
इस बार प्रश्नकाल नहीं, विधायकों को इंतजार करना होगा बजट सत्र का
इस सत्र में प्रश्नकाल शामिल नहीं किया गया है, जिसके कारण विधायक जनता से जुड़े अपने सवाल इस बार सदन में नहीं उठा पाएंगे। हाईटेक और पेपरलेस बने नए विधानसभा भवन में सभी विधायकों को टैब उपलब्ध कराया गया है, लेकिन प्रश्न पूछने का मौका उन्हें अगले बजट सत्र में मिलेगा।
‘सवाल लेने की प्रक्रिया इस बार नहीं’ — राजनीतिक विशेषज्ञ
राजनीतिक विशेषज्ञ अरुण पांडे के अनुसार यह 18वीं विधानसभा का पहला सत्र है। नए विधायकों के शपथ ग्रहण और नए स्पीकर के चयन के कारण समय सीमित था, जिससे प्रश्नकाल शामिल नहीं किया गया।
पांडे ने कहा—
“पहले सत्र में आमतौर पर सवाल नहीं लिये जाते। नए विधायकों को प्रश्न पूछने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी जानी है। इस बार छोटा सत्र होने के कारण प्रश्नकाल संभव नहीं था।”
विपक्ष की नाराजगी: ‘सवाल नहीं पूछा जाएगा तो जनता का अफसोस होगा’
सवाल न लिए जाने को लेकर राजद ने आपत्ति जताई है।
राजद विधायक रणविजय साहू ने कहा:
“सदन में जनता के सवाल नहीं आएंगे तो अफसोस होगा। सवाल पूछने की अनुमति होनी चाहिए थी।”
पहली बार जीतकर आए कई विधायकों ने भी कहा कि उन्हें सत्र की जानकारी में प्रश्नकाल का प्रावधान नहीं बताया गया था।
एआईएमआईएम विधायक गुलाम सरवर बोले—
“अभी हम सीख रहे हैं, अगले सत्र में जरूर सवाल लाएंगे।”
‘सरकार अच्छा काम करेगी तो साथ रहेंगे’ — IIP विधायक
IIP के विधायक इंद्रजीत गुप्ता ने कहा कि उन्हें मिले दस्तावेज़ों में भी सवाल पूछने का कोई जिक्र नहीं था। उन्होंने कहा—
“सरकार अच्छा काम करेगी तो हम उसका समर्थन करेंगे।”
सत्ता पक्ष का जवाब: ‘वैधानिक कार्य प्राथमिकता, बाकी मौका अगली बार’
बीजेपी विधायक जीवेश कुमार ने कहा कि यह सत्र मुख्य रूप से वैधानिक कार्यों के लिए बुलाया गया है। आगे का विस्तृत बजट सत्र लंबा होगा, जिसमें विधायकों को प्रश्न पूछने का पूरा मौका मिलेगा।
शीतकालीन सत्र: अब तक और आगे का पूरा कार्यक्रम
1 दिसंबर
- नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण
- विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए नामांकन
2 दिसंबर
- शपथ ग्रहण जारी
- विधानसभा अध्यक्ष का चयन
3 दिसंबर
- राज्यपाल दोनों सदनों को संबोधित करेंगे
- सरकार द्वितीय अनुपूरक बजट पेश करेगी
- शोक प्रस्ताव पढ़ा जाएगा
4 दिसंबर
- राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा
- धन्यवाद प्रस्ताव सदन से पास कराया जाएगा
5 दिसंबर
- अनुपूरक बजट पर चर्चा
- बजट पास कराया जाएगा


