कल राज्यसभा के लिए ‘पर्चा’ भरेंगे नीतीश! बिहार में पहली बार बनेगा BJP का मुख्यमंत्री; अमित शाह पटना में करेंगे बड़ा ‘धमाका’

खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):

  • बड़ा उलटफेर: कल (5 मार्च) राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करेंगे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार।
  • शाह की एंट्री: सुबह 10 बजे पटना पहुँचेंगे अमित शाह; सत्ता परिवर्तन के फॉर्मूले पर लगेगी अंतिम मुहर।
  • नया फॉर्मूला: बिहार में पहली बार होगा BJP का मुख्यमंत्री, JDU के कोटे में जाएंगे 2 डिप्टी सीएम
  • नामांकन: नीतीश कुमार के साथ भाजपा नेता नितिन नवीन भी भरेंगे राज्यसभा का पर्चा।

पटना: बिहार की सियासत में ‘खेला’ नहीं, बल्कि इस बार ‘महा-खेला’ हो गया है। पिछले दो दशकों से बिहार की सत्ता के केंद्र रहे नीतीश कुमार अब अपनी पारी का रुख बदलने जा रहे हैं। कल यानी गुरुवार को नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। इसके साथ ही बिहार में करीब 20 साल से चले आ रहे ‘नीतीश युग’ का पटना की कुर्सी से आधिकारिक अंत हो जाएगा और दिल्ली के गलियारों में उनका नया अध्याय शुरू होगा।

अमित शाह की मौजूदगी में बदलेगी ‘सरकार’

​कल की सुबह बिहार के लिए ऐतिहासिक होने वाली है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सुबह 10 बजे विशेष विमान से पटना पहुँच रहे हैं।

  • मिशन पटना: शाह की मौजूदगी में एनडीए (NDA) के विधायक दल की बैठक हो सकती है, जहाँ नए मुख्यमंत्री के नाम का प्रस्ताव रखा जाएगा।
  • नामांकन: शाह खुद नीतीश कुमार और नितिन नवीन के राज्यसभा नामांकन के दौरान मौजूद रह सकते हैं, जो यह संदेश देगा कि यह बदलाव ‘ऑल इज वेल’ के साथ हो रहा है।

पावर शेयरिंग का ‘2026 फॉर्मूला’

​सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में हुई हाई-लेवल मीटिंग में सत्ता के इस हस्तांतरण का ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया गया है। इस बार भाजपा केवल ‘बड़े भाई’ की भूमिका में नहीं, बल्कि ‘बॉस’ की भूमिका में होगी।

नया कैबिनेट स्ट्रक्चर (संभावित):

BJP से कौन बनेगा मुख्यमंत्री? रेस तेज

​नीतीश कुमार के हटते ही सबसे बड़ा सवाल यह है कि भाजपा से कौन मुख्यमंत्री की शपथ लेगा।

  1. अनुभवी चेहरे: सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा के नामों पर चर्चा तेज है।
  2. नया सरप्राइज: सूत्रों की मानें तो भाजपा किसी ऐसे नाम को सामने ला सकती है जो सबको चौंका दे, जैसा कि पार्टी ने मध्य प्रदेश और राजस्थान में किया था।

VOB का नजरिया: बिहार में ‘केसरिया’ उदय!

​बिहार के राजनीतिक इतिहास में यह पहली बार होगा जब भारतीय जनता पार्टी अपने दम पर मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेगी। नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना उनके लिए एक ‘ग्रेसफुल एग्जिट’ माना जा रहा है, जिससे वे केंद्र की राजनीति में बड़ी भूमिका निभा सकेंगे। हालांकि, दो डिप्टी सीएम का पद लेकर जेडीयू ने अपनी जमीन बचाने की कोशिश की है, लेकिन असली चुनौती अब शुरू होगी—क्या बीजेपी का मुख्यमंत्री बिहार के जटिल जातीय समीकरणों को साध पाएगा?

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