
बांका | 28 जुलाई 2025:बिहार के बांका जिले में साइबर थाना पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो खुद को जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) बताकर शिक्षकों से ठगी कर रहा था। गिरोह के चार सदस्यों को पटना, नवादा और नालंदा जिलों में छापेमारी कर गिरफ्तार किया गया है।
ई-शिक्षा कोष के नाम पर मांगते थे पैसे
गिरोह का खुलासा उस समय हुआ जब अमरपुर प्रखंड के मध्य विद्यालय लौसा के प्रधानाध्यापक ने शिकायत दर्ज कराई कि एक व्यक्ति ने खुद को डीईओ बताकर ई-शिक्षा कोष के नाम पर रुपए मांगे।
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए बांका पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
चार साइबर अपराधी गिरफ्तार
डीएसपी अनूपेश नारायण के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नालंदा जिले के फरासपुर गांव से चार अपराधियों को गिरफ्तार किया। उनकी पहचान सैनी कुमार, सूरज कुमार, अभिषेक कुमार और संतोष कुमार के रूप में हुई है।
“गिरफ्तारी के समय आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन और दस सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में उन्होंने कई शिक्षकों से ठगी की योजना स्वीकार की है।”
— उपेंद्रनाथ वर्मा, पुलिस अधीक्षक, बांका
डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच जारी
पुलिस ने गिरफ्तार साइबर अपराधियों के पास से मिले मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल डिवाइस को जब्त कर लिया है और उनकी तकनीकी जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार,
“जांच से गिरोह के नेटवर्क और अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान की जाएगी।”
साइबर अपराध का नया तरीका
गिरोह सरकारी नंबरों और पहचान का क्लोन बनाकर ई-शिक्षा कोष जैसे संवेदनशील विषयों का इस्तेमाल कर शिक्षकों को विश्वास में लेकर ठगी करता था। इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि
साइबर ठगी के लिए अब सरकारी पदों और योजनाओं का नाम लेकर भी मासूम लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।


