
नई दिल्ली। केंद्र सरकार में मंत्री और जद (यू) के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह ‘ललन’ ने सोमवार को विपक्ष पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि वह संसद में केवल “नाटक” कर रहा है और “ऑपरेशन सिंदूर” जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा से भाग रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कोई बड़ा मुद्दा नहीं है और विपक्ष इसे जानबूझकर तूल दे रहा है।
“सरकार चर्चा के लिए तैयार, विपक्ष कर रहा नाटक”
ललन सिंह ने कहा कि सरकार सदन में सभी मुद्दों पर खुली चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष की मंशा लोकतंत्र को बाधित करने की है। उन्होंने कहा:
“ऑपरेशन सिंदूर एक गंभीर और संवेदनशील मामला है। सरकार इस पर चर्चा चाहती है, लेकिन विपक्ष नाटक कर रहा है और सदन नहीं चलने दे रहा। लोकतंत्र चर्चा से चलता है, न कि हंगामे से।”
एसआईआर को लेकर विपक्ष का विरोध निराधार: ललन सिंह
विपक्ष द्वारा बिहार में चल रहे विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान (SIR) को लेकर उठाए गए सवालों को खारिज करते हुए ललन सिंह ने कहा:
“SIR कोई मुद्दा ही नहीं है। यह विपक्ष का बनाया गया एक झूठा नैरेटिव है। मतदाता सूची की समीक्षा एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसे बेवजह विवादित किया जा रहा है।”
बता दें कि संसद के दोनों सदनों में सोमवार को विपक्ष ने एसआईआर और ऑपरेशन सिंदूर जैसे मुद्दों को लेकर जोरदार हंगामा किया, जिससे कार्यवाही कई बार बाधित हुई।
राज्य में कानून-व्यवस्था पर विपक्ष का आरोप गलत
बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों को भी ललन सिंह ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में कोई विशेष समस्या नहीं है और स्थिति नियंत्रण में है।
“बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर जो कहा जा रहा है, वह पूरी तरह गलत है। सरकार सतर्क है और प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय है।”
जदयू में भी उठे थे सवाल, लेकिन समर्थन बरकरार
हालांकि जदयू के कुछ नेताओं ने एसआईआर पर चिंता जताई थी, लेकिन पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने इस प्रक्रिया का समर्थन किया है। एनडीए का सहयोगी दल होने के नाते जदयू फिलहाल सरकार की लाइन पर कायम है।
राजनीतिक गलियारों में बढ़ती सरगर्मियों के बीच ललन सिंह के इस बयान से यह साफ है कि एनडीए जहां विपक्ष पर हमलावर है, वहीं एसआईआर को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। संसद के आगामी सत्रों में इस पर व्यापक बहस की संभावना है।


