
भागलपुर, 20 जुलाई 2025: बांका जिले में पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश का असर अब भागलपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में दिखने लगा है। जगदीशपुर प्रखंड की खलखलिया नदी उफान पर है, जिससे कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ा, खेतों में भरा पानी
जगदीशपुर प्रखंड की ग्रामीण सीमाओं से गुजरने वाली खलखलिया नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है।
असर क्षेत्र:
- जगदीशपुर प्रखंड के कम से कम 5 गांव जलमग्न
- कई इलाकों में घरों के आसपास पानी भर गया
- धान के खेतों में नदी का पानी प्रवेश कर गया है, जिससे फसल बर्बादी का खतरा मंडरा रहा है
धान की बुवाई पर संकट, किसानों की चिंता बढ़ी
ग्रामीणों ने बताया कि इस समय धान की बुवाई का सीजन है, लेकिन खेतों में पानी भरने से कृषि कार्य ठप हो गया है।
स्थानीय किसान रामनाथ यादव कहते हैं,
“अगर अगले 2-3 दिनों में पानी नहीं घटा, तो धान का पूरा बीज खराब हो जाएगा। जो कुछ बोया गया है, वो भी सड़ सकता है।”
बांका की बारिश, चानन नदी से शुरू असर
- बांका में भारी बारिश के कारण चानन नदी पहले ही खतरे के निशान के करीब पहुंच चुकी है।
- अब खलखलिया नदी का जलस्तर भी चानन से जुड़ाव और बैकफ्लो के कारण तेजी से बढ़ रहा है।
- निचले इलाकों के गांव जैसे कि बाजितपुर, पचरुखी, अमड़ाहा आदि सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
प्रशासन की ओर से अभी राहत कार्य नहीं शुरू
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से अब तक कोई राहत टीम नहीं पहुंची है। न तो नाव, न ही खाद्य सामग्री या मेडिकल सहायता की व्यवस्था की गई है।
ग्रामीणों की मांग है कि:
- प्रशासन स्थल का निरीक्षण करे
- बाढ़ संभावित इलाकों में नावों की तैनाती हो
- फसल मुआवजा योजना का आकलन प्रारंभ किया जाए
अगले 48 घंटे अहम: मौसम विभाग की चेतावनी
IMD (भारतीय मौसम विभाग) ने अगले 48 घंटे में भागलपुर और आसपास के जिलों में मध्यम से भारी वर्षा की संभावना जताई है। ऐसे में नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है।
क्या करें ग्रामीण? प्रशासन की अपील (यदि जारी की गई हो तो)
यदि प्रशासन कोई अपील जारी करता है, तो आप उसमें निम्न शामिल कर सकते हैं:
- निचले इलाकों के लोग सुरक्षित स्थान पर जाएं
- फसल बचाने के लिए जल निकासी का अस्थायी उपाय करें
- किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या टोल फ्री नंबर 1070 पर संपर्क करें


