
पटना | 20 जुलाई 2025: बिहार के लिए एक ऐतिहासिक अवसर सामने आया है। केंद्र सरकार की ‘उड़ान योजना’ के तहत राज्य के छह छोटे हवाई अड्डों को पुनर्जीवित किया जा रहा है, जिससे मधुबनी, सहरसा, बीरपुर (सुपौल), वाल्मिकीनगर, मुंगेर और मुजफ्फरपुर अब सीधे हवाई सेवा से जुड़ेंगे।
स्प्रिट एयर को मिली उड़ानों की जिम्मेदारी
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने इन मार्गों पर संचालन के लिए स्प्रिट एयर एलएलपी को चुना है। कंपनी को लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया गया है, और ये उड़ानें बिहटा एयरपोर्ट (पटना के निकट) और वाराणसी से विभिन्न गंतव्यों तक संचालित होंगी।
ये हवाई अड्डे होंगे अब सेवा में शामिल:
- मधुबनी
- सहरसा
- बीरपुर (सुपौल)
- वाल्मिकीनगर (पश्चिम चंपारण)
- मुंगेर
- मुजफ्फरपुर
इन हवाई अड्डों को चरणबद्ध रूप से विकसित किया जाएगा। उड़ानों की शुरुआत स्थानीय अधोसंरचना (ATC, टर्मिनल, सुरक्षा) पूरी होने पर होगी।
बिहटा और वाराणसी से जुड़ेगा उत्तर बिहार
बिहटा और वाराणसी से इन हवाई अड्डों के लिए 24 क्षेत्रीय मार्गों पर उड़ानों का संचालन प्रस्तावित है। प्रत्येक रूट पर 8 सीटों वाली विमान सेवा आरसीएस (UDAN) के तहत सप्ताह में 64 आरसीएस सीटों के साथ संचालित की जाएगी।
प्रमुख प्रस्तावित हवाई मार्ग (चयनित हाइलाइट):
- बिहटा – मधुबनी
- बिहटा – सहरसा
- बिहटा – मुजफ्फरपुर
- बिहटा – वाल्मिकीनगर
- बिहटा – मुंगेर
- बिहटा – बीरपुर
- मुजफ्फरपुर – वाराणसी
- वाल्मिकीनगर – वाराणसी
- रक्सौल – बिहटा / वाराणसी
- बिहटा – जमशेदपुर
हर मार्ग पर सप्ताह में कुल 64 आरसीएस सीटें उपलब्ध रहेंगी, जिससे कम खर्च में उड़ान संभव होगी।
मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा ने कहा:
“यह बिहार के लिए गर्व की बात है कि हम एक साथ छह छोटे हवाई अड्डों को पुनर्जीवित कर रहे हैं। इससे आम लोगों को सस्ती और सुलभ हवाई सेवा मिलेगी, और राज्य का संपर्क देश के अन्य हिस्सों से सुदृढ़ होगा।”


