
भागलपुर, 20 जुलाई 2025: भागलपुर में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। फिलहाल जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन स्थिति को देखते हुए एहतियाती कदम तेज़ी से उठाए जा रहे हैं।
आपदा विभाग ने गंगा घाटों पर बढ़ाई निगरानी

गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी प्रमुख गंगा घाटों पर “आपदा मित्रों” की 24 घंटे तैनाती शुरू कर दी है।
घाटों पर:
- चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं
- बचाव दल, नाव और संसाधन तैयार रखे गए हैं
- जलस्तर की पल-पल की निगरानी की जा रही है
प्रशासन की अपील: सतर्क रहें, अनावश्यक घाटों पर न जाएं
प्रशासन की ओर से गंगा किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
DM कार्यालय और SDRF टीम की निगरानी में राहत और बचाव संबंधी इंतजाम सक्रिय कर दिए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए:
- NDRF/SDRF टीमों को अलर्ट पर रखा गया है
- नाविक दल, लाइफ जैकेट, बाढ़ राहत किट को स्टैंडबाय में रखा गया है
- ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी और मोबाइल संदेश के ज़रिए लोगों को सूचित किया जा रहा है
गंगा के किनारे बसे मोहल्लों पर खास नजर
भागलपुर शहर और ग्रामीण इलाकों में गंगा किनारे बसे मोहल्लों जैसे कि आदमपुर, खंजरपुर, बरारी, तिलकामांझी, नाथनगर आदि में प्रशासन की विशेष नजर है। बाढ़ आश्रय स्थल और सूखा राशन आपूर्ति केंद्रों की स्थिति भी जांची जा रही है।
स्थिति नियंत्रण में, लेकिन अलर्ट जारी
हालांकि अभी गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन पिछले 48 घंटे से लगातार वृद्धि देखी जा रही है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में अत्यधिक वर्षा की संभावना जताई है, ऐसे में नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि की आशंका बनी हुई है।
प्रशासन की सलाह:
- गंगा घाटों पर बेवजह जाने से बचें
- बच्चों और बुजुर्गों को नदी किनारे जाने से रोकें
- प्रशासन द्वारा जारी सभी निर्देशों का पालन करें
- किसी आपात स्थिति में टोल फ्री नंबर 1070 या स्थानीय थाना से संपर्क करें


