पटना, 1 जुलाई 2025।बच्चों की परवरिश, मानसिक विकास और नैतिक मूल्यों पर आधारित प्रख्यात मनोचिकित्सक डॉ. मुकेश किशोर की नई पुस्तक “मुझे ऐसे पालें” का मंगलवार को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संवाद कक्ष, पटना में भव्य विमोचन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में विभागीय मंत्री श्री महेश्वर हजारी उपस्थित रहे।
डॉ. किशोर ने बताया कि यह पुस्तक अभिभावकों के लिए एक मार्गदर्शक है, जिसमें बच्चों के मानसिक, भावनात्मक और नैतिक विकास को लेकर व्यावहारिक और सरल भाषा में महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि “यह सिर्फ एक किताब नहीं, बल्कि हर माता-पिता की जिम्मेदारी का दस्तावेज है, जिसे गंभीरता से समझने की जरूरत है।”
दीघा के विधायक डॉ. संजीव चौरसिया, जो इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे, ने पुस्तक की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे इसे अपने क्षेत्र के स्कूलों की लाइब्रेरी में विधायक निधि से उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने इसे बच्चों और शिक्षकों दोनों के लिए उपयोगी बताया।
मुख्य अतिथि महेश्वर हजारी ने अपने संबोधन में कहा,
“यह पुस्तक समाज के लिए एक आंख खोलने वाली रचना है। बच्चों की परवरिश में प्रेम, अनुशासन और संवाद का संतुलन जरूरी है, जो इस पुस्तक में बखूबी समझाया गया है।”
कार्यक्रम में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संयुक्त निदेशक रविभूषण सहाय, विभिन्न शिक्षाविद, मनोविज्ञान क्षेत्र के विशेषज्ञ, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने पुस्तक को एक सामाजिक जागरूकता अभियान का प्रतीक बताया।
डॉ. मुकेश किशोर बाल मानसिक स्वास्थ्य और अभिभावकीय प्रशिक्षण के क्षेत्र में विगत दो दशकों से सक्रिय हैं। “मुझे ऐसे पालें” उनकी कई चर्चित पुस्तकों की श्रृंखला में नवीनतम कड़ी है, जो बदलते सामाजिक परिदृश्य में बच्चों की परवरिश को लेकर वैज्ञानिक और व्यवहारिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है।


