अब तक 92.41% शिविर आयोजित, तीन जिलों में लक्ष्य पूरा, शिक्षा विभाग रहा सबसे प्रभावी
पटना, 25 जून | राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदायों के समग्र सशक्तिकरण के लिए संचालित डॉ. अम्बेडकर समग्र सेवा अभियान को 15 जुलाई तक शत-प्रतिशत पूरा करने का निर्देश मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने सभी जिलाधिकारियों को दिया है। मंगलवार को आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि छोटे टोलों को मिलाकर शिविर आयोजित करें, ताकि सभी लाभार्थियों तक समय पर योजनाओं का लाभ पहुँच सके।
डॉ. अम्बेडकर जयंती पर शुरू हुआ अभियान
इस वर्ष 14 अप्रैल, डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती के अवसर पर इस अभियान की शुरुआत की गई थी। इसका उद्देश्य राज्य के लगभग 60,000 अनुसूचित जाति एवं जनजाति टोलों तक सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना है। इस अभियान के तहत प्रत्येक बुधवार और शनिवार को विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं।
22 योजनाओं को शिविर के माध्यम से जोड़ा गया
इन शिविरों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, नल-जल योजना, विभिन्न पेंशन योजनाएं, छात्रवृत्ति, ई-श्रम पंजीकरण, स्वरोजगार और कौशल विकास योजनाओं को शामिल किया गया है। इन योजनाओं को ग्राम स्तर पर शिविरों के माध्यम से क्रियान्वित किया जा रहा है।
अब तक 48,717 शिविर, 3 जिलों में लक्ष्य पूरा
राज्यभर में अब तक 48,717 शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जो कि 92.41% प्रगति को दर्शाता है। भागलपुर, पूर्वी चंपारण और सारण जैसे जिलों में लक्षित शिविरों का आयोजन पूर्ण हो चुका है।
वहीं, गया (710), औरंगाबाद (505), नवादा (326), जमुई (274), वैशाली (212), अररिया (180) और सहरसा (162) जिलों में 150 से अधिक शिविर शेष हैं, जिन्हें निर्धारित समयसीमा तक पूर्ण कर लिए जाने का लक्ष्य है।
शिकायत निपटारे में शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग अव्वल
अभियान के तहत दर्ज आवेदनों के निपटारे में शिक्षा विभाग सबसे आगे रहा है। विभाग ने स्कूल नामांकन से संबंधित 99.10% आवेदनों का समाधान कर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। स्वास्थ्य विभाग ने 98.47% आवेदनों को निपटाकर दूसरा स्थान प्राप्त किया है, जिसमें आयुष्मान भारत कार्ड, स्वास्थ्य कार्ड और हेल्थ कैंप से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं।


