
पटना | 2 जून 2025 — बिहार के मुजफ्फरपुर में एक नाबालिग बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और उसके बाद मौत की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। पटना के पीएमसीएच अस्पताल में इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई, जिसके बाद प्रदेशभर में गुस्से की लहर दौड़ गई है। इस वीभत्स घटना को लेकर बिहार कांग्रेस सड़कों पर उतर आई है और राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन कर रही है।
कांग्रेस का हल्लाबोल प्रदर्शन, सरकार पर गंभीर आरोप
बिहार कांग्रेस ने आज दोपहर 2 बजे से प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से लेकर पटना की सड़कों तक “हल्लाबोल” प्रदर्शन शुरू किया। पार्टी नेताओं का कहना है कि राज्य सरकार कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर पूरी तरह फेल हो चुकी है। इस विरोध प्रदर्शन में बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू, प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, और कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे के खिलाफ नारेबाजी की और उन्हें इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया। कुछ कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन भी किया। सड़कों पर जमकर नारे लगे – “बेटी बचाओ का नारा सिर्फ दिखावा है, असलियत में जंगलराज दुबारा है।”
आरोपी की गिरफ्तारी, लेकिन इंसाफ की मांग जारी
मुजफ्फरपुर पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों का कहना है कि सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, त्वरित और कड़ी सजा की जरूरत है। बिहार कांग्रेस ने पीड़िता के परिवार को उचित मुआवज़ा और सुरक्षा देने की भी मांग की है।
राहुल गांधी ने भी की घटना की निंदा
इस घटना पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक ट्वीट में कहा:
“बिहार की एक मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी मानवता को शर्मसार करती है। दोषियों को जल्द से जल्द कठोरतम सजा मिले – यही न्याय होगा।”
राहुल गांधी की इस प्रतिक्रिया के बाद कांग्रेस का रुख और आक्रामक हो गया है।
कल भी हुआ था विरोध, जारी रहेगा आंदोलन
बता दें कि कांग्रेस ने एक जून को भी पटना में विरोध प्रदर्शन किया था और मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री का पुतला दहन कर गुस्सा जाहिर किया था। पार्टी का कहना है कि अगर सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
निष्कर्ष: बेटियों की सुरक्षा को लेकर फिर सवाल
इस दिल दहला देने वाली घटना ने एक बार फिर बिहार में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस का कहना है कि जब तक पीड़िता को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक सड़क से लेकर सदन तक उनकी आवाज उठती रहेगी।


