पटना। बिहार में बाढ़ और नदी कटाव से निपटने के लिए राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि वर्षा-बाढ़ के मौसम से पहले संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षात्मक कार्य प्राथमिकता के आधार पर शुरू किए जाएंगे। इसी क्रम में पश्चिम चंपारण के पुछरिया और भागलपुर के मसाढ़ू गांव के लिए कुल 51.90 करोड़ रुपये की दो महत्वपूर्ण योजनाएं स्वीकृत की गई हैं।
सम्राट चौधरी ने जानकारी दी कि इन योजनाओं को जल संसाधन विभाग ने तैयार किया है और इनका वित्तीय प्रावधान राज्य आपदा न्यूनीकरण कोष से किया जाएगा।
योजनाओं का विवरण:
- पश्चिम चंपारण (पुछरिया गांव):
चंपारण तटबंध के समीप कटाव रोकथाम और पायलट चैनल निर्माण कार्य कराया जाएगा। इसकी अनुमानित लागत 24.85 करोड़ रुपये है। - भागलपुर (मसाढ़ू गांव, सबौर प्रखंड):
गंगा नदी के दाहिने तट पर सुरक्षात्मक कार्य किया जाएगा, जिसकी लागत 27.04 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।
समय पर शुरुआत, पूरी तैयारी
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इन कार्यों से पहले सभी जरूरी तकनीकी और वित्तीय प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। इसके अतिरिक्त, भूमि या पथ का विधिवत हस्तांतरण तथा पूर्व में किए गए कार्यों की डिफेक्ट लाइबिलिटी अवधि (DLP) की समाप्ति भी सुनिश्चित की जाएगी।
जनजीवन की सुरक्षा सर्वोपरि
श्री चौधरी ने कहा कि सरकार बाढ़ पूर्व तैयारियों को लेकर पूरी तरह गंभीर है। जून-जुलाई से पहले इन स्थलों पर सुरक्षात्मक कार्य शुरू कर दिए जाएंगे, ताकि संभावित आपदाओं के दौरान लोगों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


