
खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):
- बधाई संदेश: पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने नीतीश कुमार को राज्यसभा नामांकन पर दी शुभकामनाएं।
- भावुक यादें: जेपी आंदोलन के दिनों को किया याद; बोले— “हमने कंधे से कंधा मिलाकर लाठियां खाईं।”
- सुशासन का सफर: 2005 के ‘विकसित बिहार’ के संकल्प और ग्राम गौरव यात्रा का किया जिक्र।
- राष्ट्रीय भूमिका: “पीएम मोदी और नीतीश कुमार की जोड़ी देश के विकास में लिखेगी नया अध्याय।”
पटना: बिहार की राजनीति में एक युग का परिवर्तन हो रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने के साथ ही उनके पुराने सहयोगियों के मन में यादों का सैलाब उमड़ पड़ा है। भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने नीतीश कुमार को इस नई पारी के लिए बधाई देते हुए एक बेहद भावुक संदेश जारी किया है। चौबे ने उन संघर्षों को याद किया जब दोनों नेताओं ने बिहार को अराजकता से निकालने के लिए सड़कों पर लड़ाई लड़ी थी।
“जेपी आंदोलन से अब तक का साथ”
अश्विनी चौबे ने नीतीश कुमार के साथ बिताए दशकों लंबे राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा कि उनका संबंध केवल सत्ता का नहीं, बल्कि संघर्षों का रहा है।
- लोकतंत्र की रक्षा: जेपी आंदोलन के समय दोनों ने तत्कालीन ‘अराजक शासन’ के विरुद्ध मोर्चा खोला था।
- संघर्ष की गाथा: चौबे ने भावुक होकर कहा, “बिहार को बदलने के संकल्प में हमने कई बार पुलिस की लाठियां खाईं, लेकिन कभी पीछे नहीं हटे।”
मंत्रिमंडल के वो दिन और ‘विकास पुरुष’ की छवि
अश्विनी चौबे ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में हुए बुनियादी बदलावों की सराहना की। उन्होंने अपने उस दौर को भी याद किया जब वे नीतीश कैबिनेट के महत्वपूर्ण सदस्य थे।
- प्रमुख अभियान: उन्होंने ‘ग्राम गौरव यात्रा’ और ‘लोहिया स्वच्छता अभियान’ जैसी पहलों का जिक्र किया, जो समाज में जागरूकता की मिसाल बनीं।
- बिहार की नई तस्वीर: चौबे ने माना कि आज बिहार में जो बिजली, सड़क, पानी और शिक्षा का स्तर दिख रहा है, वह नीतीश कुमार की दूरदर्शी सोच का ही परिणाम है।
[Image: File photo of Ashwini Kumar Choubey and Nitish Kumar sharing a stage, showcasing their long political association]
मोदी-नीतीश की जोड़ी: अब दिल्ली में मचेगा ‘धमाल’
अश्विनी चौबे के अनुसार, नीतीश कुमार का अनुभव अब केवल बिहार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे देश को इसका लाभ मिलेगा।
”देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के साथ मिलकर नीतीश जी निश्चित रूप से देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उनका राज्यसभा जाना बिहार और केंद्र के बीच समन्वय का एक नया सेतु बनेगा।” — अश्विनी कुमार चौबे
VOB का नजरिया: पुराने साथियों की ‘केमिस्ट्री’
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर जहां एक ओर विपक्षी दल और कार्यकर्ता उग्र हैं, वहीं अश्विनी चौबे जैसे वरिष्ठ नेताओं का यह ‘स्टेट्समैन’ जैसा रुख सुखद है। यह संदेश दिखाता है कि विचारधाराओं के मेल-मिलाप और गठबंधनों के टूटने-जुड़ने के बावजूद, बिहार के विकास के लिए लड़ी गई लड़ाई के प्रति दोनों नेताओं के मन में एक-दूसरे के लिए गहरा सम्मान है।


