
पटना।जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत केंद्रीय भूमि जल बोर्ड के नव-नियुक्त 26 प्रशिक्षु वैज्ञानिक अधिकारी (वैज्ञानिक-‘ख’) एक वर्षीय इंडक्शन लेवल ट्रेनिंग कोर्स (ILTC) के तहत बिहार दौरे पर हैं। यह प्रशिक्षण दौरा 18 मई से 24 मई 2025 तक चलेगा, जिसके दौरान ये अधिकारी राज्य के विभिन्न भूजल संबंधित पहलुओं का अध्ययन करेंगे।
राज्य निदेशक ने किया स्वागत
प्रशिक्षु अधिकारियों का स्वागत श्री राजीव रंजन शुक्ला, क्षेत्रीय निदेशक, मध्य-पूर्वी क्षेत्र, पटना ने किया। उन्होंने अधिकारियों को बिहार की भूजल स्थिति, इसके प्रबंधन और चुनौतियों के बारे में जानकारी दी।
नालंदा-गया में होंगे फील्ड विजिट
प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत अधिकारियों को नालंदा और गया जिलों का फील्ड भ्रमण कराया जाएगा। इस दौरान उन्हें राज्य सरकार द्वारा निर्मित कृत्रिम पुनर्भरण संरचनाएं, फ्लोराइड रिमूवल प्लांट, और वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट दिखाए जाएंगे।
राजगीर स्थित गर्म कुंड का दौरा कर भूजल के भौगोलिक आयामों को समझने का अवसर भी मिलेगा।
प्रैक्टिकल प्रशिक्षण और तकनीकी परीक्षण
- इन्फिल्ट्रेशन टेस्ट और भूभौतिकीय सर्वेक्षण कराया जाएगा, जिसका नेतृत्व करेंगे वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री आलोक कुमार सिन्हा, श्री सतेन्द्र कुमार, डॉ. सोमवीर सिंह, और श्री ऋतिक दास।
- डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर की कार्यप्रणाली की जानकारी श्रीमती सोनम और श्रीमती खुशबू आनंद द्वारा दी जाएगी।
ICAR और मौसम सेवा केंद्र में विशेष सत्र
प्रशिक्षण के तहत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और बिहार मौसम सेवा केंद्र में जल उपयोग दक्षता, कृषि में भूजल प्रबंधन, जल-भूमि उत्पादकता और मौसम विज्ञान पर विशेषज्ञ प्रशिक्षण भी आयोजित किए जा रहे हैं।
राज्य की भूजल परिस्थिति पर व्याख्यान
वैज्ञानिक-‘घ’ श्री पंकज कुमार द्वारा बिहार की वर्तमान भूजल परिस्थिति पर विस्तृत व्याख्यान दिया गया। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी श्री आलोक कुमार सिन्हा ने प्रशिक्षण से जुड़े सभी तकनीकी व कार्यक्रमगत पहलुओं की जानकारी दी।


