
पटना: बिहार में होने वाले आगामी पंचायत चुनाव को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कर दिया कि इस बार पंचायत चुनाव से पहले नया परिसीमन नहीं होगा। चुनाव वर्तमान पंचायत सीमाओं के आधार पर ही कराए जाएंगे। हालांकि, आरक्षण रोस्टर में नियमानुसार बदलाव किया जाएगा ताकि विभिन्न वर्गों को क्रमवार प्रतिनिधित्व मिल सके।
पुराने परिसीमन के आधार पर होंगे चुनाव
मंत्री दीपक प्रकाश ने बताया कि राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग समय पर पंचायत चुनाव कराने की दिशा में तेजी से तैयारियां कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि परिसीमन एक लंबी प्रशासनिक और जनसांख्यिकीय प्रक्रिया है, इसलिए इसे चुनाव से पहले लागू करना संभव नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि 2011 की जनगणना के आधार पर निर्धारित वर्तमान पंचायत सीमाओं पर ही चुनाव संपन्न कराए जाएंगे।
आरक्षण रोस्टर में होगा बदलाव
दीपक प्रकाश ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों के आरक्षण का रोटेशन लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए इस बार आरक्षण रोस्टर में बदलाव किया जाएगा, लेकिन पंचायतों की भौगोलिक सीमाओं में कोई परिवर्तन नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि इससे चुनाव प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होगी और समय पर स्थानीय निकायों का गठन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
‘समय पर चुनाव कराना सरकार की प्राथमिकता’
मंत्री ने कहा कि भविष्य में नई जनगणना के आंकड़े आने के बाद परिसीमन पर विचार किया जा सकता है। फिलहाल सरकार की प्राथमिकता पंचायत चुनावों को पारदर्शी, समयबद्ध और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास और स्थानीय स्वशासन की निरंतरता बनाए रखने के लिए समय पर चुनाव होना बेहद जरूरी है।
चुनाव की तैयारियां तेज
पंचायती राज विभाग के अनुसार मतदाता सूची के अद्यतन, आरक्षण निर्धारण और प्रशासनिक तैयारियों का काम तेजी से चल रहा है। विभाग तय समय सीमा के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी करने में जुटा है। राज्य में पंचायत चुनाव इस वर्ष के अंत तक प्रस्तावित हैं।
EVM से मतदान पर भी मंथन
मंत्री दीपक प्रकाश ने बताया कि इस बार पंचायत चुनाव में तकनीक के अधिक उपयोग पर जोर दिया जा रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के इस्तेमाल को लेकर भी विचार-विमर्श कर रहा है, ताकि मतदान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुगम बनाई जा सके।
हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि EVM के इस्तेमाल पर अंतिम फैसला राज्य निर्वाचन आयोग ही करेगा।
मंत्री के इस बयान के बाद लगभग साफ हो गया है कि बिहार के आगामी पंचायत चुनाव पुराने परिसीमन के आधार पर ही कराए जाएंगे, जबकि आरक्षण रोस्टर में नियमानुसार बदलाव देखने को मिलेगा।


