जीरो ऑफिस डे अभियान में 45,569 पीएम आवासों की हुई जमीनी जांच, लंबित निर्माण कार्यों में तेजी के निर्देश

पटना: ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 16 और 17 जुलाई को आयोजित दो दिवसीय ‘जीरो ऑफिस डे’ अभियान के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की जमीनी प्रगति की व्यापक समीक्षा की गई। इस दौरान राज्यभर में 45,569 आवासों का भौतिक निरीक्षण किया गया। अभियान का उद्देश्य पंचायत स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का आकलन करना और लंबित कार्यों में तेजी लाना था।

45 हजार से अधिक आवासों का हुआ निरीक्षण

विभाग के अनुसार, निरीक्षण के दौरान 15,269 आवास प्लिंथ स्तर तक बने मिले, जबकि 16,796 आवासों में छत ढलाई का कार्य पूरा पाया गया। वहीं 13,504 लाभार्थियों के आवास निर्माण कार्य लंबित मिले। संबंधित अधिकारियों को इन लंबित आवासों का निर्माण शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।

13 हजार से अधिक आवासों की हुई जियो-टैगिंग

अभियान के दौरान आवास ऐप के माध्यम से 13,073 पूर्ण आवासों की डिजिटल जियो-टैगिंग भी सुनिश्चित की गई। इनमें 8,290 आवास छत ढलाई स्तर और 4,783 आवास प्लिंथ स्तर के शामिल हैं।

भूमिहीन परिवारों का भी किया गया सत्यापन

निरीक्षण के साथ-साथ भूमिहीन एवं प्रवासी लाभार्थियों का सर्वे भी किया गया। प्रतीक्षा सूची में शामिल 10,896 भूमिहीन परिवारों में से 2,087 परिवारों का भौतिक सत्यापन किया गया। अधिकारियों को अपूर्ण आवासों के निर्माण में तेजी लाने, लाभार्थियों को किस्त की राशि पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने तथा स्थायी रूप से पलायन कर चुके या अनिच्छुक लाभार्थियों की सूची नियमानुसार अपडेट करने के निर्देश दिए गए।

संयुक्त सचिव के निर्देश पर चला अभियान

ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार, 14 जुलाई को सरकार के संयुक्त सचिव रवि कुमार ने सभी उप विकास आयुक्तों को पत्र जारी कर 16 और 17 जुलाई को ‘जीरो ऑफिस डे’ आयोजित करने का निर्देश दिया था। इसके तहत अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालयों में बैठने के बजाय पंचायतों में जाकर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान सहित अन्य योजनाओं का निरीक्षण और अनुश्रवण करने को कहा गया था।

योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

विभाग का कहना है कि ‘जीरो ऑफिस डे’ का उद्देश्य पंचायत स्तर पर सरकारी योजनाओं की प्रगति का मौके पर आकलन करना, लाभार्थियों की समस्याओं का समाधान करना और योजनाओं के प्रभावी एवं पारदर्शी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है।

नोट: यह समाचार ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।

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