
रांची। डिजिटल मीडिया और वेब पत्रकारिता के बढ़ते प्रभाव के बीच झारखंड की पत्रकारिता जगत से एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक खबर सामने आई है। वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (WJAI) ने अपनी झारखंड इकाई को नई ऊर्जा और पेशेवर मजबूती देने के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को रांची में आयोजित एक औपचारिक घोषणा के दौरान, राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद कौशल की अनुशंसा पर राष्ट्रीय महासचिव मधुप मणि “पिक्कू” ने पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबा अनुभव रखने वाले और प्रदेश के जाने-माने मीडिया चेहरे दीपक ओझा को झारखंड प्रदेश का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्ति झारखंड में डिजिटल पत्रकारों के हितों की रक्षा और वेब मीडिया के मानकों को और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। दीपक ओझा के साथ ही वरिष्ठ पत्रकार राजीव रंजन को प्रदेश उपाध्यक्ष और अनुभवी पत्रकार पूर्णेन्दु पुष्पेश को प्रदेश महासचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस नई त्रिमूर्ति के कंधों पर अब प्रदेश के हजारों डिजिटल पत्रकारों को संगठित करने और उन्हें एक सशक्त मंच प्रदान करने का दारोमदार होगा।
अनुभव की कसौटी पर दीपक ओझा का चयन
दीपक ओझा का चयन उनके दो दशकों से अधिक के शानदार पत्रकारिता करियर और उनकी नेतृत्व क्षमता को देखते हुए किया गया है। वे केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि झारखंड की मीडिया क्रांति के उन चुनिंदा गवाहों में से हैं जिन्होंने प्रिंट से लेकर इलेक्ट्रॉनिक और अब डिजिटल मीडिया के सफर को बहुत करीब से देखा और जिया है। उनकी सक्रियता और पत्रकारिता के प्रति समर्पण ही उनकी सबसे बड़ी पहचान है।
दीपक ओझा के करियर की शुरुआत देश की राजधानी से सटे नोएडा स्थित ‘इंडिया TV’ (India TV) से हुई थी, जहाँ उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा। इसके बाद उन्होंने ‘जनमत TV’ (जो बाद में लाइव इंडिया बना), दूरदर्शन और ‘PTN न्यूज़’ में झारखंड प्रमुख के तौर पर अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार श्रीकांत प्रत्यूष के साथ मिलकर ‘Zee News’ झारखंड के लिए भी महत्वपूर्ण कार्य किए। उनकी विशेषज्ञता केवल रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने प्रशासनिक और संगठनात्मक स्तर पर भी अपनी छाप छोड़ी। वे झारखंड की तत्कालीन रघुवर दास सरकार के लिए कार्य कर चुकी पीआर (PR) टीम के हेड रह चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने ‘नक्षत्र न्यूज़’ (हिंदी) के संस्थापक और चैनल हेड की भूमिका निभाते हुए एक नया मीडिया घराना खड़ा करने का अनुभव प्राप्त किया। ‘साधना न्यूज़’ के संपादक (बिहार-झारखंड) के तौर पर भी उनके कार्यकाल को काफी सराहा गया। वर्तमान में, वे रांची विश्वविद्यालय सहित कई प्रतिष्ठित महाविद्यालयों के पत्रकारिता विभाग में अतिथि शिक्षक के रूप में नई पीढ़ी के पत्रकारों को तराशने का काम कर रहे हैं।
संगठनात्मक मजबूती और 15 दिनों का लक्ष्य
वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद कौशल ने नई टीम की घोषणा करते हुए साफ कर दिया है कि यह नियुक्ति केवल पदों का वितरण नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का हस्तांतरण है। आनंद कौशल ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि अगले 15 दिनों के भीतर झारखंड की पूरी प्रदेश समिति का गठन कर लिया जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संगठन का विस्तार केवल रांची या जमशेदपुर जैसे बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि जिलों और प्रखंड स्तर पर सक्रिय डिजिटल पत्रकारों को भी इस परिवार का हिस्सा बनाया जाए।
संगठन का प्राथमिक उद्देश्य ‘मेंबरशिप ड्राइव’ (सदस्यता अभियान) चलाकर वास्तविक और स्वच्छ छवि वाले पत्रकारों को जोड़ना है। आनंद कौशल ने कहा कि डिजिटल पत्रकारिता वर्तमान में सबसे चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है, जहाँ सूचनाओं की गति तो तेज है, लेकिन सत्यता की जांच एक बड़ी समस्या बनी हुई है। नई टीम को यह निर्देश दिया गया है कि वे सदस्यों को जागरूक करें ताकि झारखंड में डिजिटल पत्रकारिता पूरी तरह से स्वच्छ, निष्पक्ष और जिम्मेदार बनी रहे। संगठन का मानना है कि दीपक ओझा की शैक्षणिक और पेशेवर पृष्ठभूमि सदस्यों को प्रशिक्षित करने में भी सहायक सिद्ध होगी।
रांची में जल्द होगा ‘मीडिया समिट’ का आयोजन
कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के तुरंत बाद दीपक ओझा ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि संगठन बहुत जल्द रांची में एक भव्य ‘मीडिया समिट’ (Media Summit) का आयोजन करेगा। इस सम्मेलन का उद्देश्य देश भर के डिजिटल और वेब पत्रकारों को एक मंच पर लाना है ताकि वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की जा सके। यह समिट झारखंड के डिजिटल पत्रकारों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी, जहाँ उन्हें राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों से संवाद करने का अवसर मिलेगा।
दीपक ओझा ने कहा कि उनकी प्रतिबद्धता केवल संगठन के विस्तार तक नहीं है, बल्कि वे झारखंड सरकार के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए भी काम करेंगे। डिजिटल मीडिया को सरकारी मान्यता दिलाना, पत्रकारों के लिए बीमा और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित करना और वेब पोर्टल्स के लिए विज्ञापन नीति में स्पष्टता लाना उनकी कार्ययोजना का मुख्य हिस्सा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वेब पत्रकारों को अक्सर मुख्यधारा की मीडिया के मुकाबले उपेक्षित महसूस करना पड़ता है, लेकिन WJAI इस अंतर को खत्म करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
डिजिटल पत्रकारिता की शुचिता पर विशेष जोर
संगठन के नवनियुक्त प्रदेश महासचिव पूर्णेन्दु पुष्पेश और उपाध्यक्ष राजीव रंजन ने भी अपने मनोनयन पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे पत्रकारिता की गरिमा को बनाए रखने के लिए संकल्पित हैं। आज के दौर में ‘फेक न्यूज़’ और ‘पीत पत्रकारिता’ (Yellow Journalism) डिजिटल मीडिया की साख को नुकसान पहुँचा रही है। WJAI की नई झारखंड टीम का लक्ष्य एक ऐसी निगरानी और प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित करना है जिससे पत्रकारों को यह पता चल सके कि क्या ‘खबर’ है और क्या ‘दुष्प्रचार’।
राष्ट्रीय महासचिव मधुप मणि “पिक्कू” ने इस अवसर पर विश्वास जताया कि दीपक ओझा के नेतृत्व में संगठन को न केवल विस्तार मिलेगा, बल्कि डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में कुछ सकारात्मक पहल भी देखने को मिलेगी। संगठन के अन्य सदस्यों और झारखंड के पत्रकार समूहों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका मानना है कि दीपक ओझा जैसे अनुभवी व्यक्ति के नेतृत्व में आने से वेब पत्रकारों के हितों की लड़ाई अब और अधिक सशक्त रूप से लड़ी जा सकेगी।
झारखंड मीडिया जगत में उम्मीद की नई किरण
झारखंड जैसे राज्य में, जहाँ सूचनाओं का प्रवाह बहुत अधिक है और क्षेत्रीय समस्याएं राष्ट्रीय महत्व रखती हैं, वहां वेब पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को मुख्यधारा के अखबारों या टीवी चैनलों तक पहुँचने में समय लगता है, लेकिन डिजिटल पत्रकार उसे तुरंत दुनिया के सामने लाते हैं। ऐसे में एक मजबूत संगठन का होना इन पत्रकारों के लिए सुरक्षा कवच की तरह है।
दीपक ओझा का रांची विश्वविद्यालय में अतिथि शिक्षक होना भी संगठन के लिए लाभदायक है क्योंकि वे अकादमिक ज्ञान और धरातल की पत्रकारिता के बीच एक पुल का काम कर सकते हैं। एसोसिएशन की नई टीम अब युद्धस्तर पर जिलों के भ्रमण की योजना बना रही है ताकि 15 दिनों के भीतर एक संतुलित और ऊर्जावान टीम का खाका तैयार किया जा सके। झारखंड के मीडिया गलियारों में इस चर्चा ने जोर पकड़ लिया है कि WJAI की यह नई सक्रियता आने वाले दिनों में प्रदेश की डिजिटल मीडिया नीति को भी प्रभावित कर सकती है। पत्रकारों ने उम्मीद जताई है कि अब उन्हें जिला प्रशासन और पुलिस के स्तर पर भी वह सम्मान मिल सकेगा, जिसके वे हकदार हैं।
इस संगठनात्मक फेरबदल के साथ ही झारखंड में डिजिटल मीडिया के एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है। दीपक ओझा, राजीव रंजन और पूर्णेन्दु पुष्पेश की यह टीम अब यह साबित करने के लिए तैयार है कि वेब पत्रकारिता केवल ‘क्लिक’ और ‘व्यूज’ का खेल नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र का वह सजग प्रहरी है जो हर पल जनता की आवाज बनकर खड़ा रहता है।


