बिहार की सियासत गरमाई, तेजस्वी यादव ने मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
प्रकाशित तिथि: 5 अगस्त 2025
स्थान: पटना, बिहार
बिहार की चुनावी राजनीति इन दिनों गरमाई हुई है। इसी बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार को चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोलते हुए कई गंभीर सवाल उठाए हैं। तेजस्वी यादव ने साफ तौर पर कहा कि उन्हें चुनाव आयोग की ओर से नोटिस मिला है, जिसका वह जवाब देंगे, लेकिन आयोग को भी अपनी जिम्मेदारियों से भागना नहीं चाहिए।
तेजस्वी ने कहा कि उनकी पार्टी ने पहले ही मतदाता सूची में गड़बड़ी की आशंका जताई थी, और अब उन आशंकाओं को सही साबित करती कई शिकायतें सामने आ रही हैं।
“चुनाव आयोग को भी जवाबदेह होना चाहिए”
पत्रकारों से बातचीत में तेजस्वी यादव ने कहा:
“मैं चुनाव आयोग के नोटिस का जवाब दूंगा, लेकिन जो गंभीर सवाल हमने उठाए हैं, उनका जवाब आयोग क्यों नहीं दे रहा? हमने पहले ही मतदाता सूची में गड़बड़ी की बात कही थी, अब कई जिलों से फर्जी नाम, मृत लोगों के नाम और कुछ समुदायों के नाम हटाने जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं।”
उन्होंने कहा कि प्रारूप मतदाता सूची (Draft Voter List) में व्यापक अनियमितताएं दिखाई दे रही हैं। तेजस्वी के अनुसार, यह सिर्फ एक प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा हो सकती है।
दस्तावेजों के साथ आयोग के सामने पेश होंगे
तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी पार्टी इन सभी शिकायतों के दस्तावेज इकट्ठा कर चुनाव आयोग को सौंपेगी। यदि आयोग समय रहते इन शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करता है, तो राजद सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।
“यह सिर्फ किसी एक राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं है। यह लोकतंत्र की साख, जनता के अधिकार और संविधान की रक्षा का सवाल है,” तेजस्वी ने कहा।
विपक्ष का आरोप: आयोग पर सत्ता का दबाव
राजद समेत महागठबंधन के अन्य दलों ने भी चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि कई जिलों में मतदाता सूची को प्रभावित करने का प्रयास सत्ता पक्ष के इशारे पर किया जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेजस्वी का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब राज्य में चुनावी तैयारियां जोरों पर हैं और आयोग की निष्पक्षता को लेकर पहले भी कई बार प्रश्न उठ चुके हैं।
तेजस्वी यादव को आचार संहिता उल्लंघन का नोटिस
हाल ही में चुनाव आयोग ने तेजस्वी यादव को एक चुनावी रैली में दिए गए बयान पर नोटिस भेजा है। उस बयान में तेजस्वी ने सत्ताधारी पार्टी पर “वोट चुराने की साज़िश” रचने का आरोप लगाया था।
तेजस्वी ने पलटवार करते हुए कहा:
“अगर आयोग हमसे जवाब मांग रहा है, तो उसे भी पारदर्शिता बरतनी चाहिए। विपक्ष और आम जनता की ओर से उठाई गई शिकायतों का समाधान जरूरी है।”
लोकतंत्र की साख दांव पर: तेजस्वी
तेजस्वी यादव ने जोर देते हुए कहा कि उनकी पार्टी चुनाव आयोग के समक्ष सभी तथ्यों को प्रस्तुत करेगी। यदि आवश्यक हुआ, तो न्यायपालिका की शरण ली जाएगी।
“यह सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि लोकतंत्र की साख और संविधान की रक्षा का मामला है। आयोग को निष्पक्ष और पारदर्शी भूमिका निभानी


