
लगातार बारिश से गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, निचले इलाकों में जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त
प्रकाशित तिथि: 5 अगस्त 2025
स्थान: पटना, बिहार
पटना में बीते तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण गंगा नदी उफान पर है। इससे शहर के कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है और पानी कई रिहायशी इलाकों में घुस चुका है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है।
गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर
5 अगस्त को गंगा नदी का जलस्तर गांधी घाट पर खतरे के निशान 48.60 मीटर से 70 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया। दीघा घाट पर जलस्तर 50.45 मीटर से 36 सेंटीमीटर और हाथीदह में 41.76 मीटर से 56 सेंटीमीटर ऊपर है। नदी के बढ़ते जलस्तर ने दियारा, बिंद टोली, और मनेर जैसे निचले इलाकों में स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है।
गांधी घाट के रिवर फ्रंट पर पानी बहने लगा है, जिससे वहां सुबह-शाम सैर करने वालों को भी खासी परेशानी हो रही है।
टेबल और चौकी पर चूल्हा, नाव से सफर
बिंद टोली में पानी घुटनों से ऊपर भर चुका है। लोगों को टेबल या चौकी पर चूल्हा रखकर खाना बनाना पड़ रहा है। सड़कों पर पानी भर जाने से कुछ जगहों पर नावें चलाई जा रही हैं। लोग अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थानों, विशेष रूप से जेपी गंगा पथ के किनारे, ले जा रहे हैं।
दियारा क्षेत्र में खेत जलमग्न हो चुके हैं, जिससे धान और मक्का की फसलें नष्ट होने की आशंका है। हालांकि, अभी तक बड़े पैमाने पर पलायन नहीं हुआ है, लेकिन बाढ़ की संभावना से लोग चिंतित हैं।
प्रशासन अलर्ट मोड में, राहत की तैयारी
जिला प्रशासन और बिहार जल संसाधन विभाग पूरी तरह अलर्ट पर हैं। पटना के एडीएम आपदा प्रबंधन डीपी शाही ने बताया कि जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर राहत शिविर, भोजन, दवाइयां और नावों की व्यवस्था की जाएगी।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात कर दी गई हैं। तटबंधों की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत राहत कार्य शुरू करें।
कोसी, गंडक और बागमती में भी बढ़ा खतरा
सिर्फ गंगा ही नहीं, उत्तर बिहार की प्रमुख नदियाँ — कोसी, गंडक और बागमती — भी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई हैं। मौसम विभाग और जल संसाधन विभाग की संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ सकती है।
8 अगस्त तक सक्रिय रहेगा मॉनसून
पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार मॉनसून अभी 8 अगस्त तक सक्रिय रहेगा। इस दौरान हल्की से भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। नेपाल और उत्तर प्रदेश में हो रही भारी बारिश के कारण गंगा में पानी का प्रवाह और बढ़ गया है।
मौसम विभाग ने नदियों के किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और बिंद टोली व दियारा जैसे इलाकों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट होने की सलाह दी गई है।
हेल्पलाइन और स्वास्थ्य शिविर की व्यवस्था
प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन 1077 शुरू की है। साथ ही, मुफ्त स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाए जा रहे हैं ताकि बीमारियों की रोकथाम हो सके। लोगों को पेयजल उबालकर पीने और खुले में शौच न करने की भी सलाह दी गई है।


