बांस घाट पर बनेगा ‘वेस्ट टू वंडर’ थीम पार्क, मुख्यमंत्री ने किया स्थल निरीक्षण

राजेन्द्र बाबू और लोकनायक की स्मृति स्थलों के पास बनेगा मनोरम परिसर, शवदाह गृह निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा

पटना, 05 अगस्त 2025: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज राजधानी पटना के बांस घाट स्थित देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की समाधि स्थल के निकट विकसित किए जा रहे ‘वेस्ट टू वंडर’ थीम पार्क का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने वीडियो प्रजेंटेशन के माध्यम से उन्हें इस पार्क की प्रस्तावित संरचना और विशेषताओं की विस्तृत जानकारी दी।


क्या है ‘वेस्ट टू वंडर’ थीम पार्क?

‘वेस्ट टू वंडर’ एक विशेष थीम पार्क होगा, जहां अपशिष्ट सामग्री से विश्व प्रसिद्ध संरचनाओं की प्रतिकृतियां बनाई जाएंगी। इसका उद्देश्य पर्यावरण जागरूकता, पुनर्चक्रण के महत्व को दर्शाना और पर्यटन को बढ़ावा देना है।


राजेन्द्र बाबू और जेपी के स्मृति स्थलों के बीच का संयोजन

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पार्क भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के समाधि स्थल और जेपी गंगा पथ के बीच स्थित होगा। रोज हजारों लोग इस मार्ग से गुजरते हैं, जिससे यह स्थान एक प्रमुख आकर्षण केंद्र बन सकता है।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के समाधि स्थल, जो इसी क्षेत्र में स्थित है, को भी समुचित रूप से विकसित किया जाए ताकि यह स्थल ऐतिहासिक और पर्यावरणीय महत्व का केंद्र बने।


शवदाह गृह निर्माण की प्रगति का भी निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने बांस घाट क्षेत्र में निर्माणाधीन शवदाह गृह परिसर की प्रगति का भी निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने उन्हें कार्य की वर्तमान स्थिति और आगे की योजना की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कार्य की गति तेज करने और निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।


उपस्थित रहे वरीय अधिकारी

निरीक्षण के दौरान राज्य के शीर्ष अधिकारी मौजूद थे:

  • विकास आयुक्त: प्रत्यय अमृत
  • नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव: अभय कुमार सिंह
  • मुख्यमंत्री के सचिव: कुमार रवि
  • पटना प्रमंडल के आयुक्त: डॉ. चन्द्रशेखर सिंह
  • पटना नगर निगम आयुक्त एवं बुडको एमडी: अनिमेष पराशर
  • पटना जिलाधिकारी: डॉ. त्यागराजन एस.एम.
  • अन्य विभागीय अधिकारी

बांस घाट क्षेत्र के इस समेकित विकास से न केवल ऐतिहासिक स्मृति स्थलों का संरक्षण और सौंदर्यीकरण होगा, बल्कि पटना को एक नया पर्यावरण-शिक्षा आधारित पर्यटन स्थल भी मिलेगा। मुख्यमंत्री की यह पहल शहर के सांस्कृतिक और पर्यावरणीय परिदृश्य में एक नई दिशा तय कर सकती है।


 

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