
पटना: बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने नई शिक्षक निर्धारण नीति लागू कर दी है। अब स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति, पदस्थापन और ट्रांसफर छात्रों की संख्या तथा कक्षाओं के आधार पर किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक कक्षा में कम से कम एक शिक्षक की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
शिक्षा विभाग ने यह निर्णय शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के प्रावधानों के तहत लिया है। विभाग का उद्देश्य राज्य के सभी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराना है।
हर 30 छात्रों पर एक शिक्षक का प्रावधान
नई गाइडलाइन के अनुसार, अब सरकारी स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात तय कर दिया गया है। कक्षा 1 से 5 तक के विद्यालयों में छात्रों की संख्या के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति होगी।
कक्षा 1 से 5 तक के लिए नया मानक
- 60 छात्रों तक – 2 शिक्षक
- 61 से 90 छात्र – 3 शिक्षक
- 91 से 120 छात्र – 4 शिक्षक
- 121 से 150 छात्र – 5 शिक्षक
- 150 से अधिक छात्र – 5 शिक्षक और 1 प्रधान शिक्षक
कक्षा 6 से 8 के लिए अलग व्यवस्था
मध्य विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।
- विज्ञान – 1 शिक्षक
- गणित – 1 शिक्षक
- सामाजिक विज्ञान – 1 शिक्षक
- हिंदी/भाषा – 1 शिक्षक
यदि छात्रों की संख्या 105 से 140 के बीच होगी तो अंग्रेजी विषय के लिए अतिरिक्त शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे।
140 से 175 छात्रों पर संस्कृत या उर्दू के शिक्षक की भी व्यवस्था होगी।
175 से अधिक छात्रों वाले विद्यालयों में विज्ञान और गणित के अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति का भी प्रावधान किया गया है।
कक्षा 1-5 और 6-8 को माना जाएगा अलग शैक्षणिक इकाई
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि शिक्षक निर्धारण के लिए कक्षा 1 से 5 और कक्षा 6 से 8 को अलग-अलग शैक्षणिक इकाई माना जाएगा। हालांकि कक्षा 1 से 8 तक संचालित विद्यालयों में एक ही प्रधानाध्यापक रहेगा।
नामांकन के अनुसार होगी शिक्षकों की तैनाती
विभागीय समीक्षा में सामने आया कि कई विद्यालयों में निर्धारित मानकों के अनुरूप शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। इसी कारण अब वास्तविक नामांकन, कक्षा संरचना और विषयों की आवश्यकता के आधार पर शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।
सभी जिलों को जारी हुआ निर्देश
प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर ने सभी जिलाधिकारियों और जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र जारी कर नए मानकों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। शिक्षा विभाग के सचिव द्वारा इस नई नीति को मंजूरी मिलने के बाद अब पूरे बिहार में इसी व्यवस्था के अनुसार शिक्षकों की जरूरत का आकलन किया जाएगा।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस नई व्यवस्था से सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा।


