जमुई में लौह अयस्क ब्लॉक की ई-नीलामी के लिए 4325 करोड़ का आरक्षित मूल्य तय, सम्राट चौधरी ने दी जानकारी

54.89 मिलियन टन संसाधन वाले मजोस-भंटा ब्लॉक से मिलेगा बिहार को निवेश, रोजगार और राजस्व लाभ

पटना, 05 अगस्त 2025: बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को घोषणा की कि जमुई जिले के मजोस-भंटा लौह अयस्क ब्लॉक की ई-नीलामी प्रक्रिया के लिए 4325.76 करोड़ रुपये का अनुमानित आरक्षित मूल्य (रिजर्व प्राइस) स्वीकृत किया गया है।

उन्होंने बताया कि मजोस और भंटा ब्लॉकों को एकीकृत कर संयुक्त खनन क्षेत्र के रूप में विकसित किया गया है। दोनों ब्लॉकों में एक ही प्रकार का खनिज — मैग्नेटाइट (लौह अयस्क) — पाया जाता है और इनकी सीमाएं आपस में जुड़ी हुई हैं।


54.89 मिलियन टन संसाधनों वाला ब्लॉक

  • मजोस ब्लॉक में: 48.4 मिलियन टन
  • भंटा ब्लॉक में: 6.49 मिलियन टन
  • कुल एकीकृत संसाधन: 54.89 मिलियन टन

सम्राट चौधरी ने कहा कि ब्लॉकों के एकीकरण से खनन की प्रक्रिया आसान होगी, संसाधनों की बर्बादी रुकेगी और नीलामी में अधिक प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित होगी। यह बिहार के खनन क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल है।


नीलामी एजेंसियां और मूल्य निर्धारण

  • नीलामी प्लेटफॉर्म: मेटल स्क्रैप ट्रेड कॉरपोरेशन लिमिटेड (MSTC)
  • ट्रांजैक्शन एडवाइजर: स्टेट बैंक कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड
  • आरक्षित मूल्य निर्धारण:
    • भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) द्वारा आंकलन
    • भारतीय खान ब्यूरो (IBM) द्वारा तय की गई दरों पर आधारित

बिहार को मिलेंगे ये बड़े फायदे

  • खनन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा
  • स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर
  • राजस्व वृद्धि
  • औद्योगिक विकास को गति

सम्राट चौधरी ने कहा कि इससे पहले रोहतास जिले के भोरा-कटरा लाइम स्टोन ब्लॉक की नीलामी भी सफल रही थी। अब जमुई का मजोस-भंटा ब्लॉक इस प्रक्रिया में बिहार को खनिज आधारित औद्योगिक राज्य के रूप में एक नई पहचान देगा।

यह निर्णय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की औद्योगिक एवं खनन नीति को गति देने वाला कदम माना जा रहा है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार प्रदेश को निवेश योग्य और खनिज समृद्ध राज्य के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।


 

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