दृष्टिबाधित रविराज ने UPSC में हासिल की 20वीं रैंक, मां के सहयोग और कड़ी मेहनत से रचा इतिहास

नवादा: कहा जाता है कि हर बच्चे के लिए उसकी मां किसी हीरो से कम नहीं होती। जीवन के हर उतार-चढ़ाव में मां ही वह हाथ होती है, जो हमेशा अपने बच्चे को थामे रखती है। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी नवादा जिले के अकबरपुर प्रखंड के महुली गांव के रहने वाले दृष्टिबाधित रविराज की है, जिन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में 20वीं अखिल भारतीय रैंक हासिल कर बड़ी सफलता प्राप्त की है।

मां बनीं सबसे बड़ी ताकत

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रविराज जन्म से दृष्टिबाधित हैं, इसलिए उन्हें पढ़ाई के दौरान सामान्य छात्रों की तुलना में अधिक मेहनत करनी पड़ी। अपनी सफलता का श्रेय वह अपनी मां विभा सिन्हा को देते हैं। रविराज की पढ़ाई में उनकी मां का विशेष योगदान रहा। जब भी रविराज किसी विषय को पढ़ते, उनकी मां उसे दोहराकर सुनातीं और रविराज उसे याद करते थे।

रविराज की मां का कहना है कि उनका बेटा बचपन से ही बेहद मेहनती रहा है। जब भी वह अपने लक्ष्य से भटकता, मां उसे प्रेरित कर सही रास्ता दिखाती थीं।

किसान परिवार से निकलकर रचा इतिहास

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किसान परिवार में जन्मे रविराज ने यह साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी बाधा सफलता के रास्ते में नहीं आ सकती। इससे पहले भी रविराज अपनी प्रतिभा का परिचय दे चुके हैं। उन्होंने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा में सफलता हासिल कर राजस्व अधिकारी के पद पर चयन पाया था और जिला टॉपर बने थे।

अब उन्होंने UPSC में 20वीं रैंक हासिल कर अपने जिले और राज्य का नाम रोशन किया है।

शिक्षा और तैयारी

रविराज ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा दयाल पब्लिक स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने इंटरमीडिएट की पढ़ाई सत्येंद्र नारायण सिंह इंटर स्कूल से पूरी की। स्नातक की डिग्री उन्होंने सीताराम साहू कॉलेज से राजनीति विज्ञान विषय में हासिल की।

रविराज के अनुसार यह उनकी पहली कोशिश में मिली बड़ी सफलता है। उन्होंने बताया,
“मैं घर पर रहकर रोज़ाना 8 से 10 घंटे तक पढ़ाई करता था। सफलता मिलने से बहुत खुशी हो रही है।”

पूरे इलाके में खुशी का माहौल

रविराज की इस उपलब्धि से महुली गांव सहित पूरे नवादा जिले में खुशी की लहर है। बताया जा रहा है कि उनके क्षेत्र से पहली बार किसी छात्र ने UPSC में इतनी शानदार रैंक हासिल की है। उनकी सफलता पर माता विभा सिन्हा और पिता रंजन कुमार सिन्हा बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं।

पहले भी हासिल कर चुके हैं सफलता

जानकारी के अनुसार इससे पहले रविराज UPSC में 182वीं रैंक हासिल कर चुके थे और फिलहाल नागपुर में IRS की ट्रेनिंग ले रहे हैं। अब नए परिणाम में 20वीं रैंक प्राप्त कर उन्होंने अपनी प्रतिभा और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया है।

दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों के लिए तैयारी के तरीके

दृष्टिबाधित अभ्यर्थी भी सही संसाधनों और तकनीक की मदद से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं। इसके लिए स्क्रीन रीडर सॉफ्टवेयर, ब्रेल लिपि में उपलब्ध किताबें, ऑडियो नोट्स और ऑनलाइन संसाधनों का उपयोग काफी सहायक साबित होता है।

रविराज की कहानी यह साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों और परिवार का साथ मिले, तो कोई भी मुश्किल सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती।

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