
पटना: विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) ने पार्टी के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी को उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा कथित रूप से हाउस अरेस्ट किए जाने पर कड़ा विरोध जताया है। पार्टी के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता देव ज्योति ने इसे लोकतंत्र की हत्या और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान का खुला अपमान बताया।
देव ज्योति ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की मजबूत होती आवाज से घबरा गई है। उन्होंने कहा कि मुकेश सहनी जहां-जहां जा रहे हैं, वहां जनता के बीच सरकार की नीतियों, प्रशासनिक विफलताओं और जनविरोधी फैसलों को उजागर कर रहे हैं। इसी वजह से सत्ता लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देने के बजाय पुलिस और प्रशासन का इस्तेमाल कर उन्हें घर में कैद करने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था का हवाला देकर किसी विपक्षी नेता को जनता से मिलने से रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला है। उनके अनुसार यह कार्रवाई दर्शाती है कि सरकार जनमत के बजाय पुलिसिया ताकत के सहारे राजनीति करना चाहती है।
वीआईपी नेता ने दावा किया कि जनता सब देख रही है और आने वाले समय में इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।
देव ज्योति ने कहा कि विकासशील इंसान पार्टी इस कथित दमनकारी कार्रवाई के खिलाफ पीछे हटने वाली नहीं है। पार्टी पूरे मामले को न्यायालय में चुनौती देगी और संविधान तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेगी।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाने की हर कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक प्रतिशोध और सत्ता के अहंकार के खिलाफ वीआईपी का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।


