8 और 9 जुलाई की रात विक्रमशिला सेतु रहेगा पूरी तरह बंद, IIT पटना की विशेषज्ञ टीम करेगी स्थायी मरम्मत कार्य का निरीक्षण

भागलपुर। भागलपुर और उत्तर बिहार के बीच आवागमन का प्रमुख माध्यम माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु पर दो रातों के लिए सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों, वाहन चालकों और परिवहन संचालकों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए बताया है कि 8 जुलाई और 9 जुलाई 2026 की रात 10 बजे से अगले दिन सुबह 5 बजे तक सेतु पर किसी भी प्रकार के वाहन के परिचालन की अनुमति नहीं होगी। यह प्रतिबंध गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु पर चल रहे स्थायी पुनर्स्थापन (परमानेंट रेस्टोरेशन) कार्य के महत्वपूर्ण निरीक्षण को ध्यान में रखते हुए लगाया गया है।

जिला प्रशासन के अनुसार विक्रमशिला सेतु पर वर्तमान में लगाए गए बेली ब्रिज के स्थान पर स्थायी संरचना विकसित करने की दिशा में कार्य चल रहा है। इसी क्रम में तकनीकी निरीक्षण के लिए IIT पटना की विशेषज्ञ टीम भागलपुर पहुंचेगी। विशेषज्ञों द्वारा सेतु की वर्तमान स्थिति, निर्माण कार्य की तकनीकी गुणवत्ता तथा स्थायी पुनर्स्थापन से जुड़े विभिन्न पहलुओं का विस्तृत निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान किसी प्रकार का कंपन या यातायात से उत्पन्न दबाव तकनीकी प्रक्रिया को प्रभावित न करे, इसलिए निर्धारित समय तक पूरी तरह से यातायात बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

प्रशासन का कहना है कि यह निरीक्षण भविष्य में होने वाले स्थायी मरम्मत कार्य की दिशा तय करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञ टीम सेतु की संरचनात्मक मजबूती, निर्माण की प्रगति, तकनीकी मानकों और सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं का परीक्षण करेगी। इसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी ताकि विक्रमशिला सेतु को लंबे समय तक सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित किया जा सके।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 8 जुलाई और 9 जुलाई की रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक सभी प्रकार के वाहनों का परिचालन पूर्णतः बंद रहेगा। इस दौरान किसी भी निजी वाहन, बस, ट्रक, मालवाहक वाहन, एंबुलेंस को छोड़कर आवश्यक आपातकालीन सेवाओं के संबंध में भी प्रशासनिक निर्देशों के अनुसार व्यवस्था की जाएगी। आम लोगों से अपील की गई है कि वे यात्रा की योजना बनाते समय इस प्रतिबंध को ध्यान में रखें और निर्धारित समय के दौरान सेतु का उपयोग करने से बचें।

यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों, पुलिस प्रशासन और परिवहन अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। वाहनों को वैकल्पिक मार्गों की ओर डायवर्ट करने, प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती करने और यात्रियों को समय रहते जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि निरीक्षण कार्य बिना किसी व्यवधान के पूरा हो और आम लोगों को न्यूनतम असुविधा का सामना करना पड़े।

विक्रमशिला सेतु भागलपुर सहित उत्तर और पूर्वी बिहार के कई जिलों को जोड़ने वाला सबसे महत्वपूर्ण सड़क संपर्क है। प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन इस पुल से होकर गुजरते हैं। मालवाहक परिवहन, यात्री बसें, निजी वाहन और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए यह पुल अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में कुछ घंटों के लिए भी यातायात बंद होने का प्रभाव व्यापक क्षेत्र में देखने को मिल सकता है। इसी कारण प्रशासन ने पहले से ही सूचना जारी कर लोगों से सहयोग की अपील की है।

पिछले कुछ समय से विक्रमशिला सेतु पर मरम्मत और संरचनात्मक सुधार का कार्य लगातार जारी है। पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से पर पहले अस्थायी समाधान के रूप में बेली ब्रिज लगाया गया था ताकि आवागमन पूरी तरह बाधित न हो। अब स्थायी पुनर्स्थापन की दिशा में तकनीकी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी बड़े पुल की स्थायी मरम्मत से पहले विस्तृत संरचनात्मक जांच और तकनीकी मूल्यांकन आवश्यक होता है, जिससे भविष्य में पुल की सुरक्षा और मजबूती सुनिश्चित की जा सके।

IIT पटना की विशेषज्ञ टीम का निरीक्षण इसी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। टीम विभिन्न तकनीकी उपकरणों और इंजीनियरिंग मानकों के आधार पर पुल की स्थिति का आकलन करेगी। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर आगे के निर्माण कार्य और आवश्यक तकनीकी सुधारों का निर्णय लिया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि भविष्य में पुल पूरी क्षमता और सुरक्षा मानकों के अनुरूप संचालित हो सके।

जिला प्रशासन ने वाहन चालकों, ट्रांसपोर्ट कंपनियों और बस संचालकों से आग्रह किया है कि वे अपनी यात्रा का समय निर्धारित करने से पहले जारी यातायात एडवाइजरी का पालन करें। विशेष रूप से लंबी दूरी के मालवाहक वाहनों और रात्रिकालीन बस सेवाओं को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है ताकि जाम जैसी स्थिति उत्पन्न न हो।

प्रशासन ने यह भी कहा है कि निरीक्षण कार्य पूरी तरह सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जाएगा। पुल पर किसी प्रकार की अनावश्यक आवाजाही या भीड़ की अनुमति नहीं होगी। संबंधित विभाग लगातार स्थिति की निगरानी करेंगे और निरीक्षण कार्य समाप्त होते ही यातायात को पुनः सामान्य रूप से बहाल कर दिया जाएगा।

भागलपुर जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए यात्रा की योजना पहले से बना लें और निर्धारित अवधि के दौरान वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। प्रशासन ने कहा कि यह अस्थायी प्रतिबंध केवल पुल की सुरक्षा, तकनीकी निरीक्षण और स्थायी पुनर्स्थापन कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने के उद्देश्य से लगाया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े पुलों का समय-समय पर तकनीकी निरीक्षण और वैज्ञानिक परीक्षण सार्वजनिक सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक होता है। इससे संभावित जोखिमों की पहचान समय रहते हो जाती है और आवश्यक मरम्मत कार्य प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। विक्रमशिला सेतु पर होने वाला यह निरीक्षण भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आने वाले समय में पुल की संरचनात्मक मजबूती और यातायात सुरक्षा को और बेहतर बनाया जा सके।

जिला प्रशासन ने अंत में सभी नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि थोड़े समय की असुविधा भविष्य में सुरक्षित और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। निरीक्षण कार्य पूरा होने के बाद विक्रमशिला सेतु पर यातायात पूर्ववत संचालित किया जाएगा। यात्रियों से अनुरोध है कि वे 8 और 9 जुलाई की रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक इस मार्ग से यात्रा करने से बचें और प्रशासन द्वारा निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें।

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