विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज निर्माण में आई रफ्तार, एक दिन में 170 फीट तक बिछाई गई लोहे की चादर

भागलपुर, 21 मई 2026। भागलपुर और सीमांचल के बीच जीवनरेखा माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज निर्माण कार्य अब तेज रफ्तार पकड़ चुका है। बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) द्वारा युद्धस्तर पर चलाए जा रहे निर्माण कार्य में बीते 24 घंटे के भीतर बड़ी प्रगति दर्ज की गई है। अधिकारियों के अनुसार एक ही दिन में करीब 170 फीट हिस्से पर लोहे की चादर बिछाने का काम पूरा कर लिया गया है। निर्माण कार्य में आई इस तेजी के बाद लोगों को उम्मीद जगी है कि जल्द ही प्रभावित यातायात व्यवस्था को बड़ी राहत मिल सकती है।

विक्रमशिला सेतु के पाया संख्या 133 के स्लैब में गंभीर क्षति आने के बाद भागलपुर, नवगछिया और सीमांचल क्षेत्र के लाखों लोगों की परेशानी अचानक बढ़ गई थी। सेतु पर भारी वाहनों की आवाजाही रोक दिए जाने के कारण यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया था। व्यापार, परिवहन और आम जनजीवन पर इसका सीधा असर देखने को मिला। इसी संकट से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की पहल पर बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन को बेली ब्रिज निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई।

अब BRO द्वारा लगातार दिन-रात काम कर निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। जिला प्रशासन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 20 मई को सीमा सड़क संगठन के अपर महानिदेशक जितेंद्र प्रसाद द्वारा स्थल निरीक्षण किए जाने के बाद निर्माण कार्य में और अधिक तेजी आई है।

अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की प्रगति, सुरक्षा मानकों और तकनीकी पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की गई थी। इसके बाद मौके पर तैनात इंजीनियरों और तकनीकी टीमों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। परिणामस्वरूप अगले ही दिन बेली ब्रिज निर्माण में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई।

BRO की टीम ने एक ही दिन में लगभग 170 फीट हिस्से में लोहे की चादर बिछाने का काम पूरा कर लिया। यह कार्य तकनीकी रूप से काफी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि गंगा नदी के ऊपर बने इस पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से पर अस्थायी लेकिन मजबूत संरचना तैयार की जा रही है।

निर्माण कार्य में लगे अधिकारियों के अनुसार बेली ब्रिज को इस प्रकार तैयार किया जा रहा है कि सीमित अवधि के भीतर यातायात को दोबारा सुचारु किया जा सके। इसके लिए उच्च गुणवत्ता वाले स्टील स्ट्रक्चर, लोहे की चादर और विशेष तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से निर्माण स्थल पर लगातार मशीनों की आवाज और श्रमिकों की गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। दिन और रात दोनों समय काम चलने से लोगों में उम्मीद बढ़ी है कि जल्द ही राहत मिलेगी।

विक्रमशिला सेतु में आई तकनीकी खराबी के बाद भागलपुर और सीमांचल क्षेत्र में यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई थी। भारी वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से भेजा जा रहा था, जिससे यात्रा दूरी कई गुना बढ़ गई थी। ट्रांसपोर्ट कारोबारियों को अतिरिक्त ईंधन खर्च और समय की समस्या का सामना करना पड़ रहा था।

इस संकट का असर व्यापारिक गतिविधियों पर भी देखने को मिला। कई व्यवसायियों ने शिकायत की थी कि माल ढुलाई में देरी के कारण बाजार प्रभावित हो रहे हैं। खासकर सीमांचल क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर भी असर पड़ने लगा था।

हालांकि प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर गंगा नदी में कार्गो जहाज सेवा भी शुरू कर दी है, लेकिन लोगों की सबसे बड़ी उम्मीद विक्रमशिला सेतु पर जारी बेली ब्रिज निर्माण कार्य से जुड़ी हुई है।

BRO अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य पूरी तकनीकी निगरानी में किया जा रहा है। सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। कार्यस्थल पर इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों और श्रमिकों की कई टीमें लगातार काम कर रही हैं।

जिला प्रशासन भी पूरे निर्माण कार्य की नियमित निगरानी कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य को तय समय सीमा के भीतर पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए आवश्यक संसाधन और प्रशासनिक सहयोग लगातार उपलब्ध कराया जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार बेली ब्रिज एक अस्थायी लेकिन मजबूत संरचना होती है, जिसका उपयोग आपातकालीन परिस्थितियों में तेजी से यातायात बहाल करने के लिए किया जाता है। सेना और सीमा सड़क संगठन ऐसे पुलों के निर्माण में विशेषज्ञ माने जाते हैं।

स्थानीय नागरिकों ने BRO की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि जिस गति से काम आगे बढ़ रहा है, उससे लोगों को राहत की उम्मीद दिखाई दे रही है। कई लोगों ने कहा कि पिछले दिनों सेतु संकट के कारण छात्रों, मरीजों, व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

भागलपुर प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन करें। अधिकारियों ने कहा कि पुल निर्माण कार्य पूरा होने तक वैकल्पिक मार्गों और जल परिवहन सेवाओं का उपयोग किया जाए।

विक्रमशिला सेतु पर चल रहा यह निर्माण कार्य केवल एक तकनीकी परियोजना नहीं, बल्कि लाखों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा हुआ है। ऐसे में बेली ब्रिज निर्माण में आई यह तेजी भागलपुर और सीमांचल क्षेत्र के लिए राहत की बड़ी खबर मानी जा रही है।

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