सिग्नल पर रुकी थी ट्रेन, वीडियो से फैलाई गई अफवाह
पटना।बख्तियारपुर लिंक और बख्तियारपुर स्टेशन के बीच सबनिमा गांव के पास 22234 डाउन वंदे भारत एक्सप्रेस को जबरन रोके जाने का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आते ही रेल महकमे में हड़कंप मच गया।
जांच के बाद रेलवे और पुलिस ने साफ किया है कि यह दावा भ्रामक और गलत है। ट्रेन को किसी ने नहीं रोका था, बल्कि वह लाल सिग्नल होने के कारण कुछ देर के लिए रुकी थी।
पांच युवकों पर एफआईआर, साइबर कार्रवाई की सिफारिश
मामले को गंभीरता से लेते हुए—
- 27 जनवरी को बख्तियारपुर आरपीएफ थाना में
- 31 जनवरी 2026 को बख्तियारपुर जीआरपी थाना में
कांड संख्या 13/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
सबनिमा गांव के पांच युवकों की पहचान कर ली गई है, जिन पर विधि-विरुद्ध आचरण का मामला दर्ज किया गया है।
इंस्टाग्राम यूजर पर आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी
जीआरपी के अनुसंधानकर्ता अवर निरीक्षक मनीष कुमार ने रेल साइबर थाना, पटना को आवेदन देकर वायरल वीडियो में गलत और भ्रामक तथ्य फैलाने की शिकायत की है।
इंस्टाग्राम पर वीडियो अपलोड करने वाले आईडी धारक पर आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
रेलवे का दावा: वीडियो से की गई छेड़छाड़
आरपीएफ इंस्पेक्टर और जीआरपी थानाध्यक्ष ने बताया कि—
“प्रारंभिक जांच में स्पष्ट है कि वंदे भारत एक्सप्रेस लाल सिग्नल के कारण रुकी थी। गांव के कुछ लड़कों ने वीडियो बनाया और बाद में उसमें छेड़छाड़ कर यह अफवाह फैलाई कि ट्रेन को जबरन रोका गया।”
अफवाहों से बचने की अपील
रेल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि
सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी वीडियो या मैसेज को बिना सत्यापन के शेयर न करें।
गलत जानकारी फैलाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


