गर्भपात के दौरान महिला की मौत से हड़कंप: परिजनों ने डॉक्टर और आशा कार्यकर्ता पर लापरवाही का आरोप, जांच शुरू

भागलपुर | 31 मार्च 2026: भागलपुर जिले से एक बेहद संवेदनशील और दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां गर्भपात के दौरान एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों में भारी आक्रोश है और उन्होंने संबंधित डॉक्टर एवं आशा कार्यकर्ता पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

मृतक महिला की पहचान पीरपैंती थाना क्षेत्र के दिलौड़ी कालीप्रसाद गांव निवासी पिंकी देवी के रूप में हुई है, जो करीब तीन माह की गर्भवती थीं।

गर्भ खराब होने पर कराया गया था गर्भपात

परिजनों के अनुसार, गर्भ में पल रहा बच्चा खराब हो जाने के बाद वे महिला को एक स्थानीय डॉक्टर के पास लेकर गए थे। आरोप है कि आशा कार्यकर्ता के माध्यम से गर्भपात कराया गया और प्रक्रिया के बाद महिला को घर भेज दिया गया।

घर पहुंचने के कुछ ही देर बाद पिंकी देवी को तेज पेट दर्द शुरू हो गया, जिससे परिजन घबरा गए और दोबारा उन्हें डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे।

डॉक्टर ने पहले बताया ‘गैस’, बाद में किया रेफर

परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने शुरुआती लक्षणों को गंभीरता से नहीं लिया और दर्द को सामान्य गैस की समस्या बताकर नजरअंदाज कर दिया। बाद में जब महिला की हालत बिगड़ती गई, तब उसे भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर किया गया।

हालांकि, अस्पताल पहुंचने तक महिला की हालत अत्यंत गंभीर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

परिवार में मातम, न्याय की मांग तेज

इस घटना के बाद मृतका के परिवार में शोक की लहर है। परिजन लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं और आरोपित डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठा रहे हैं।

मृतका के भाई अनुज रजक ने कहा, “हम लोग बहन को डॉक्टर के पास लेकर गए थे। बच्चा खराब था, आशा के माध्यम से गर्भपात कराया गया। बाद में दर्द बढ़ा तो डॉक्टर ने गैस बताया, फिर मायागंज भेजा, लेकिन वहां पहुंचते ही उसकी मौत हो गई।”

प्रशासन ने कहा—जांच होगी, दोषियों पर कार्रवाई संभव

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने जांच के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जाएगी और यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के बाद एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और निगरानी पर सवाल खड़े हो गए हैं। बिना पर्याप्त चिकित्सा सुविधा और निगरानी के इस तरह के मामलों का सामने आना चिंताजनक माना जा रहा है।

भागलपुर में हुई यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं में संभावित लापरवाही की गंभीर तस्वीर पेश करती है। अब सबकी नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी है कि पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिलता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।

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