
उन्नाव, 29 अप्रैल 2026। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने खुशी के माहौल को पलभर में मातम में बदल दिया। मुंडन संस्कार से लौट रहे एक परिवार की बोलेरो गाड़ी और तेज रफ्तार डंपर के बीच आमने-सामने टक्कर हो गई, जिसमें 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए।
यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए गहरा सदमा बनकर सामने आया है, बल्कि पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
मुंडन संस्कार से लौट रहा था परिवार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मौरावां थाना क्षेत्र के पठई गांव निवासी सूरज सिंह अपने 3 वर्षीय बेटे शुभ सिंह का मुंडन संस्कार कराने गए थे।
धार्मिक अनुष्ठान पूरा करने के बाद परिवार और कुछ पड़ोसी बोलेरो वाहन से वापस घर लौट रहे थे।
किसी को अंदाजा नहीं था कि यह यात्रा इतनी भयावह दुर्घटना में बदल जाएगी।
ओवरटेक के दौरान हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि बक्सर-सुमेरपुर मार्ग पर खरही पुल के पास सुबह करीब 10:30 बजे यह हादसा हुआ।
ओवरटेक करने के दौरान बोलेरो और सामने से आ रहे डंपर के बीच जोरदार टक्कर हो गई।
टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो के परखच्चे उड़ गए और दोनों वाहन सड़क किनारे खाई में जा गिरे।
6 लोगों की मौके पर मौत
इस हादसे में 5 महिलाओं और एक पुरुष की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतकों में मां-बेटी समेत बिटाना, गीता, सुनीता, ज्योति, अर्चना और चालक रामधनी शामिल बताए जा रहे हैं।
इन सभी की मौत से परिवार और गांव में कोहराम मच गया है।
कई घायल, मासूम भी शामिल
हादसे में 3 वर्षीय शुभ सिंह समेत 4 लोग घायल हुए हैं।
घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
एक घायल की स्थिति गंभीर होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए कानपुर रेफर किया गया है।
मौके पर मची अफरा-तफरी
दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई।
स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को वाहन से बाहर निकालने में मदद की।
सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
प्रशासन और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी भी सक्रिय हो गए।
जिलाधिकारी घनश्याम मीणा और एसएसपी जेपी सिंह ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल लिया और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए।
मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान
इस दर्दनाक हादसे पर मुख्यमंत्री ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
उन्होंने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
इसके साथ ही घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
लापरवाही और तेज रफ्तार बनी कारण
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि हादसे का कारण तेज रफ्तार और ओवरटेक के दौरान लापरवाही हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क पर सावधानी और नियमों का पालन न करने से इस तरह की दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
तेज रफ्तार, गलत ओवरटेक और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी अक्सर जानलेवा साबित होती है।
उन्नाव में हुआ यह हादसा बेहद दर्दनाक है, जिसने एक खुशहाल मौके को गहरे शोक में बदल दिया।
छह लोगों की मौत और कई के घायल होने की इस घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है।
अब जरूरत है कि सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदियों से बचा जा सके।


