
भागलपुर, 2 अगस्त 2025 — बिहार में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)–2025 की प्रक्रिया के तहत भागलपुर जिला प्रशासन ने बड़ी संख्या में फर्जी, दोहराए गए और अप्रासंगिक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए हैं। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने इस संबंध में शुक्रवार को विस्तृत जानकारी साझा की।
2.44 लाख मतदाताओं का नाम सूची से हटा
डॉ. चौधरी के अनुसार, पहले भागलपुर जिले में कुल 24,04,414 मतदाता सूचीबद्ध थे, जो अब घटकर 21,55,802 हो गए हैं। यानी 2,44,612 मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। इनमें प्रमुख रूप से:
- मृत मतदाता: 62,852
- स्थानांतरित मतदाता (दूसरे स्थान पर शिफ्ट): 1,25,388
- दोहरे नाम (Duplicate Entry): 26,566
इन सभी मामलों में संबंधित मतदाताओं का नाम विलोपित कर दिया गया है।
2678 मतदान केंद्र अब भागलपुर में
निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रत्येक 1200 मतदाताओं पर एक बूथ का प्रावधान किया गया है। इसी आलोक में जिले में 415 नए बूथों की बढ़ोतरी की गई है। पहले 2263 मतदान केंद्र थे, जो अब बढ़कर 2678 हो गए हैं।
दावा-आपत्ति के लिए 1 माह का समय
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि 1 अगस्त से 1 सितंबर तक का समय दावा एवं आपत्ति के लिए निर्धारित किया गया है। इस अवधि में कोई भी योग्य नागरिक अपने नाम की प्रविष्टि या किसी गलती के विरुद्ध आपत्ति दर्ज करा सकता है।
फर्जीवाड़ा पर कार्रवाई का निर्देश
डॉ. चौधरी ने स्पष्ट किया कि यदि बीएलए (Booth Level Agent) किसी भी मतदाता का नाम गलत मंशा से जोड़वाने का प्रयास करता है, तो उस पर एफआईआर दर्ज करने का प्रावधान किया गया है। निर्वाचन प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने हेतु यह कदम आवश्यक बताया गया।
यह व्यापक शुद्धिकरण अभियान निर्वाचन आयोग की पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है। साथ ही इससे मतदाता सूची की विश्वसनीयता में भी सुधार होगा।


