
भागलपुर, 2 अगस्त 2025 — जिले के ममलखा पंचायत अंतर्गत चायचक और मसाड़ु गांव इन दिनों भीषण गंगा कटाव की चपेट में हैं। गंगा के तेज बहाव से लगातार भूमि कटाव जारी है, जिससे कई परिवार बेघर हो चुके हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन पर गंभीर उदासीनता का आरोप लगाते हुए आगामी चुनावों में वोट बहिष्कार की चेतावनी दी है।
कटाव से तबाही, बेघर हुए कई परिवार
ग्रामीणों ने बताया कि हर साल बारिश और बाढ़ के मौसम में कटाव तेज हो जाता है, लेकिन इस बार स्थिति विकराल हो चुकी है। कई घर गंगा में समा चुके हैं और जो बचे हैं वे भी खतरे की जद में हैं। लोगों का कहना है कि उन्हें न तो रात में चैन की नींद नसीब है, न दिन में सुरक्षा का भरोसा।
स्थानीय निवासी राजकुमार यादव ने कहा, “हमने कई बार प्रशासन से गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। हर साल हम बर्बादी का इंतजार करते हैं।”
स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों की मांग है कि गंगा कटाव से बचाव के लिए दीर्घकालिक और ठोस उपाय किए जाएं, जैसे पक्का तटबंध, पत्थर डालने का कार्य और पुनर्वास की व्यवस्था। उनका कहना है कि अब केवल अस्थायी उपायों से काम नहीं चलेगा।
वोट बहिष्कार का ऐलान
प्रभावित ग्रामीणों ने एकजुट होकर ऐलान किया कि अगर सरकार और प्रशासन ने अविलंब कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, तो वे आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में वोट नहीं डालेंगे।
चायचक के एक बुजुर्ग ग्रामीण रामसागर मंडल ने कहा, “अगर सरकार हमसे वोट चाहती है, तो पहले हमारे घर बचाए। अब हम सिर्फ आश्वासन नहीं, कार्रवाई चाहते हैं।”
प्रशासनिक प्रतिक्रिया का इंतजार
अब तक स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, अधिकारियों ने पूर्व में आश्वासन दिया था कि सर्वे किया जाएगा और राहत के उपाय सुझाए जाएंगे, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं दिखाई देता।
यह समस्या अब सिर्फ भूगोल या पर्यावरण की नहीं रही, बल्कि मानवीय संकट का रूप ले चुकी है। प्रशासन और सरकार को चाहिए कि त्वरित और प्रभावी कदम उठाकर इन ग्रामीणों के जीवन को स्थिरता प्रदान करें।


