
भागलपुर जिले के एक ग्रामीण क्षेत्र में नौकरी के नाम पर चल रहे एक ठगी रैकेट का ग्रामीणों ने खुद भंडाफोड़ कर दिया। ग्रामीणों ने अनिल कुमार और निरंजन कुमार नामक दो युवकों को पकड़ लिया, जो कथित तौर पर ₹100 के बदले नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से रकम वसूल रहे थे।
मैट्रिक-इंटर पास युवाओं को बनाया निशाना
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, दोनों युवक स्वयं को किसी निजी संस्था का प्रतिनिधि बताकर क्षेत्र में घूम रहे थे। वे मैट्रिक और इंटर पास युवाओं से ₹100 की राशि ऑनलाइन माध्यम से जमा करवाते थे और उन्हें किसी “कंपनी” में नौकरी दिलाने का वादा करते थे। पैसे देने के बाद युवाओं को न कोई कॉल आया, न कोई जानकारी मिली, जिससे युवाओं में आक्रोश फैल गया।
योजनाबद्ध तरीके से बुलाकर किया गया भंडाफोड़
आरोपितों की गतिविधियों से परेशान ग्रामीणों ने योजनाबद्ध तरीके से उन्हें एक स्थान पर बुलाया और जनता के समक्ष पकड़ लिया। इसके बाद मौके पर भारी भीड़ जुट गई और जमकर हंगामा हुआ। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ठगी की यह घटना सिर्फ एक-दो लोगों के साथ नहीं, बल्कि कई युवाओं के साथ हो चुकी है।
पुलिस को दी गई सूचना, कार्रवाई की प्रतीक्षा
घटना की सूचना स्थानीय थाना को दे दी गई है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस के हस्तक्षेप की प्रतीक्षा की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन ने संज्ञान नहीं लिया, तो ऐसे मामले और बढ़ सकते हैं।
आरोपियों की सफाई: करियर परामर्श के उद्देश्य से कर रहे थे कार्य
वहीं, पकड़े गए दोनों युवकों अनिल कुमार और निरंजन कुमार ने सफाई दी कि वे “रेगुलेट्स लाइफ केयर” नामक संस्था से जुड़े हैं। उनका कहना है कि वे छात्रों को करियर और भविष्य की शिक्षा को लेकर जागरूक करने का कार्य कर रहे थे, न कि ठगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि कोई पैसा जबरन नहीं लिया गया।
अब देखना यह है कि स्थानीय प्रशासन इस मामले में किस दिशा में जांच करता है और क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। ग्रामीणों की मांग है कि ऐसे मामलों में सख्ती से कदम उठाए जाएं ताकि बेरोजगार युवाओं को गुमराह होने से रोका जा सके।


