सुपौल में दो युवतियों ने मंदिर में रचाई शादी: इंस्टाग्राम से शुरू हुई दोस्ती, आपसी सहमति से साथ रहने का लिया फैसला

बिहार के सुपौल जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां दो युवतियों ने मंदिर में जाकर आपस में शादी कर ली। दोनों ने अपनी शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जो तेजी से वायरल हो गया। इस घटना के बाद इलाके में चर्चा और जिज्ञासा का माहौल बना हुआ है।

इंस्टाग्राम से हुई दोस्ती, प्यार में बदली

स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों युवतियां त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र के एक मॉल में काम करती थीं और पिछले दो वर्षों से एक-दूसरे के संपर्क में थीं। उनकी मुलाकात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। ऑनलाइन बातचीत से शुरू हुई दोस्ती धीरे-धीरे गहरे भावनात्मक रिश्ते में बदल गई। लंबे समय तक साथ रहने और एक-दूसरे को समझने के बाद दोनों ने साथ जीवन बिताने का निर्णय लिया।

सादगी से मंदिर में हुआ विवाह

मंगलवार देर रात दोनों युवतियां मेला ग्राउंड स्थित काली मंदिर पहुंचीं, जहां सादगीपूर्ण तरीके से विवाह किया गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, उस समय मंदिर परिसर में बहुत कम लोग मौजूद थे, जिससे यह घटना तत्काल किसी की नजर में नहीं आई। दोनों ने गैस चूल्हे के चारों ओर सात फेरे लेकर एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने की कसमें खाईं।

शादी के बाद इलाके में मचा हड़कंप

बताया गया है कि दोनों युवतियां पिछले करीब दो महीनों से वार्ड नंबर 18 में किराए के कमरे में साथ रह रही थीं और ब्लॉक चौक स्थित मॉल में काम करती थीं। बुधवार सुबह जब वे शादी के बाद अपने कमरे पर लौटीं, तो पड़ोसियों को इसकी जानकारी हुई। इसके बाद मोहल्ले में लोगों की भीड़ जुटने लगी।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

शादी के बाद दोनों ने वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद नगर परिषद क्षेत्र के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी यह मामला चर्चा का विषय बन गया। दोनों नवविवाहित युवतियां मधेपुरा जिले की रहने वाली बताई जा रही हैं।

आपसी सहमति से लिया फैसला

युवतियों का कहना है कि उनका रिश्ता पूरी तरह आपसी समझ और भावनात्मक जुड़ाव पर आधारित है। उन्होंने यह फैसला बिना किसी दबाव के लिया है और अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीना चाहती हैं।

मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

इस विवाह को लेकर स्थानीय स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और आपसी सहमति से जुड़ा मामला बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे सामाजिक परंपराओं के खिलाफ मान रहे हैं। फिलहाल यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।


 

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