चिलचिलाती गर्मी से परेशान होकर भगवान की शरण में पहुंचे लोग, लू से बचने के लिए कर रहे हवन

बिहार में चिलचिलाती धूप, भीषण गर्मी और प्रचंड लू से बचने के लिए अब लोग भगवान की शरण में पहुंचने लगे हैं. लोग अब भगवान से इस गर्मी से निजात देने के लिए प्रार्थना कर रहे हैं. वैशाली के भगवानपुर में स्थानीय लोग गर्मी से छुटकारा देने के लिए हवन और पूजन कर रहे हैं. भीषण गर्मी को देखते हुए भगवानपुर अड्डा के शिव मंदिर में गुरुवार से पूजा अर्चना और हवन हो रहा है. यह अगले 51 घंटे तक चलेगा.

भगवानपुर में पूर्व जिला परिषद एवं समाजसेवी केदार प्रसाद यादव ने पांच आचार्य के साथ हवन यज्ञ शुरू किया. उन्होंने बताया कि यह हवन कार्य अगले 51 घंटे तक चलेगा. उनके साथ कई ग्रामीण भी इस हवन में भाग ले रहे हैं. यादव बताते हैं कि रिकॉर्डतोड़ गर्मी के कारण मनुष्य के साथ जीव जंतुओं और पक्षियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इस गर्मी से बचने के लिए अब ईश्वर ही एकमात्र सहारा हैं. इस कारण हम लोग भगवान की शरण में पहुंचे हैं.

उन्होंने आगे बताया कि प्रभु से प्रार्थना है कि सूर्य की तपिश कुछ कम करें, जिससे बिहार के लोगों को कुछ राहत मिल सके. यह हवन कार्य पंडित मिट्ठू आचार्य, पंडित रमाशंकर आचार्य, पंडित मदन मोहन आचार्य, पंडित शिव शंकर आचार्य, पंडित राम प्रवेश मिश्रा आचार्य की देखरेख में चल रहा है. पंडित रामप्रवेश आचार्य ने बताया कि गर्मी से निजात दिलाने के लिए हवन यज्ञ कराया जा रहा है. पूरा बिहार भीषण गर्मी और लू की चपेट में है.

पिछले एक सप्ताह से पड़ रही भीषण गर्मी के कारण बच्चे से लेकर बड़े-बुजुर्ग बीमार पड़ रहे हैं. सरकार ने सभी अस्पतालों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है. इधर, बिहार में अत्यधिक गर्मी पड़ने और कई जिलों का तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के कारण 30 मई से आठ जून तक प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों को बंद करने का निर्णय लिया गया है.

बिहार के मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने सभी जिलों के पदाधिकारियों को इस संबंध में पत्र लिखकर कहा है कि पिछले कुछ दिनों से अप्रत्याशित भीषण गर्मी के साथ लू के प्रकोप में बिहार राज्य के अधिकांश जिले हैं. गया, औरंगाबाद, कैमूर जैसे जिलों में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस से भी ज्यादा दर्ज किया जा रहा है. यही स्थिति कमोबेश अन्य सभी जिलों की भी है. बुधवार को आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के प्रतिनिधि के द्वारा यह अनुमान लगाया गया है कि ऐसी स्थिति आठ जून तक बने रहने की संभावना है. ऐसे में यह निर्णय लिया गया है कि सभी सरकारी एवं निजी विद्यालय (कोचिंग संस्थान सहित) एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में 30 मई से 8 जून तक शिक्षण कार्य बंद रखा जाए ताकि भीषण गर्मी के प्रकोप से बच्चों को बचाया जा सके.

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