
पटना के चर्चित शिक्षक और यूट्यूबर फैसल खान उर्फ खान सर तथा उनके दोनों निजी बॉडीगार्ड्स की कानूनी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पटना पुलिस द्वारा अदालत में दाखिल अपडेटेड केस डायरी में बॉडीगार्ड्स के हथियारों और उनके लाइसेंस से जुड़ी कई नई जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस का दावा है कि 2 जून को हुए हंगामे के दौरान जिस हथियार से फायरिंग हुई थी, उसका बिहार में इस्तेमाल करने के लिए आवश्यक वैध अनुमति नहीं थी। मामले में अगली सुनवाई 30 जून को प्रस्तावित है।
UP का लाइसेंस, बिहार में नहीं था वैध परमिट
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 2 जून को खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर हुई फायरिंग में इस्तेमाल किया गया हथियार उनके निजी बॉडीगार्ड तालेबर सिंह का था। तालेबर सिंह उत्तर प्रदेश के कासगंज के निवासी हैं। जांच में पुलिस को पता चला कि उनके हथियार का लाइसेंस पूरे भारत में मान्य नहीं था, बल्कि उसकी वैधता एक सीमित क्षेत्र तक ही थी।
पुलिस का आरोप है कि तालेबर सिंह बिना आवश्यक वैध परमिट के उत्तर प्रदेश से हथियार लेकर बिहार आए और यहां निजी सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्य कर रहे थे।
स्थानीय प्रशासन को सूचना नहीं देने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, किसी अन्य राज्य से हथियार लेकर बिहार आने या यहां ड्यूटी करने की स्थिति में संबंधित जिला प्रशासन, आर्म्स मजिस्ट्रेट अथवा स्थानीय थाना को इसकी सूचना देना आवश्यक होता है। जांच में सामने आया है कि न तो तालेबर सिंह और न ही संबंधित एजेंसी ने इस प्रक्रिया का पालन किया, जिसे पुलिस कानून का उल्लंघन मान रही है।
दूसरे बॉडीगार्ड के हथियार पर भी सवाल
पुलिस ने खान सर के दूसरे बॉडीगार्ड प्रदीप कुमार के हथियार को लेकर भी आपत्ति दर्ज की है। जांच में सामने आया कि जिस हथियार का इस्तेमाल सुरक्षा ड्यूटी में किया जा रहा था, उसका लाइसेंस प्रदीप कुमार के पिता के नाम पर जारी था।
पुलिस का कहना है कि यह लाइसेंस उनके पिता की हत्या के बाद आत्मरक्षा के उद्देश्य से जारी किया गया था। आरोप है कि इस हथियार का उपयोग निजी सुरक्षा कार्य में किया गया, जो लाइसेंस की मूल शर्तों के अनुरूप नहीं माना जा रहा है।
30 जून को होगी अहम सुनवाई
यह मामला 2 जून को पटना स्थित खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर हुए हंगामे, मारपीट और कथित फायरिंग की घटना से जुड़ा है। घटना के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर दोनों हथियारों को जब्त किया और फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया।
27 जून को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने केस डायरी का अवलोकन करने के बाद खान सर को मिली अंतरिम राहत अगली सुनवाई तक जारी रखी थी।
अब 30 जून को पटना सिविल कोर्ट में मामले की सुनवाई होगी। अदालत अपडेटेड केस डायरी और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई पर निर्णय ले सकती है। साथ ही, दोनों बॉडीगार्ड्स की जमानत याचिकाओं पर भी फैसला आने की संभावना है।
हालांकि, मामले में अंतिम निर्णय अदालत द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही लिया जाएगा।


