
भागलपुर | 19 अक्टूबर 2025: शरद ऋतु के इस पावन रविवार को आश्विन मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि चल रही है, जो बाद में चतुर्दशी तिथि में प्रवेश करेगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह तिथि कालि चौदस या नरक चतुर्दशी के नाम से प्रसिद्ध है, जिसे “छोटी दिवाली” भी कहा जाता है। आज का दिन विशेष रूप से पूजा-पाठ, दान-पुण्य और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना गया है।
🌅 दिनांक और तिथि
- तिथि: त्रयोदशी (कृष्ण पक्ष), दोपहर बाद चतुर्दशी प्रारंभ
- मास: आश्विन (शरद ऋतु)
- संवत्सर: विक्रम संवत् 2082, शक संवत् 1947
- दिवस: रविवार
- ऋतु / आयान: शरद ऋतु, सूर्य दक्षिणायन
🌠 नक्षत्र, योग और करण
- नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र, इसके बाद हस्त नक्षत्र का आरंभ
- योग: इन्द्र योग
- करण: तैतिल एवं गर करण
🔔 आज के प्रमुख पर्व
- कालि चौदस (छोटी दिवाली) – नरकासुर वध की स्मृति में मनाया जाने वाला पर्व।
- हनुमान जयंती (कुछ क्षेत्रों में) – बजरंगबली की उपासना का विशेष दिवस।
- दीपावली की तैयारियां – आज से घर-घर में लक्ष्मी-पूजन की तैयारी का शुभारंभ।
🪔 शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त: प्रातः 11:45 से दोपहर 12:30 तक
- अमृत काल: सुबह के समय, लगभग 6:20 से 8:00 बजे तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग: पूरे दिन बना रहेगा — सभी प्रकार के कार्यों के लिए शुभ समय
⚠️ राहुकाल और अशुभ समय
- राहुकाल: शाम 4:30 बजे से 6:00 बजे तक
- यमघंट: दोपहर 12:00 से 1:30 बजे तक
इन दोनों अवधियों में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से बचना उचित रहेगा।
🕉 आज के उपाय और सलाह
- आज दीपदान का विशेष महत्व है — अपने घर, मंदिर या चौराहे पर दीप जलाएं।
- शनिदेव और हनुमानजी की उपासना करने से कष्ट निवारण होता है।
- घर की साफ-सफाई और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए आज का दिन शुभ है।
- राहुकाल में यात्रा या नया कार्य आरंभ न करें।
🌞 ज्योतिषीय विश्लेषण
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आज का दिन सर्वार्थ सिद्धि योग से युक्त है, जिससे आरंभ किए गए सभी कार्यों में सफलता मिलने की संभावना रहती है। इन्द्र योग के प्रभाव से मान-सम्मान, धनलाभ और पारिवारिक सुख की वृद्धि के योग हैं।
निष्कर्ष
रविवार का यह दिन कालि चौदस और छोटी दिवाली के उत्सव के साथ शुभता लेकर आया है। “पहले दीप, फिर दान और फिर पूजन” की परंपरा निभाते हुए आज घर-घर में उजाला फैलाने की तैयारी की जा रही है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आज का दिन आध्यात्मिक साधना, नई शुरुआत और परिवारिक सामंजस्य के लिए विशेष रूप से शुभ है।


