
पटना। आज शनिवार, 18 अक्टूबर 2025 को कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज का दिन विशेष महत्व रखता है क्योंकि आज धनतेरस का पर्व मनाया जा रहा है। यही से पांच दिवसीय दीपावली पर्व की शुरुआत होती है। आज के दिन घरों में धन-धान्य और समृद्धि के लिए भगवान धन्वंतरि, लक्ष्मी और कुबेर की पूजा की जाती है।
आज के प्रमुख शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 4:53 से 5:41 तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:49 से 12:34 तक
- अमृत काल: सुबह 8:49 से 10:32 तक
- धनतेरस पूजा मुहूर्त: शाम 6:50 से रात 8:20 तक (स्थानीय समय के अनुसार)
- सूर्योदय: सुबह 6:07 बजे
- सूर्यास्त: शाम 5:30 बजे
(समय बिहार क्षेत्रीय अनुसार है)
अशुभ काल
- राहु काल: सुबह 9:20 से 10:46 बजे तक
- यमगंड काल: दोपहर 1:37 से 3:03 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 6:29 से 7:54 बजे तक
इन समयों में कोई भी शुभ कार्य करने से परहेज करना चाहिए।
ग्रह-नक्षत्र स्थिति
आज चंद्रमा दिन में सिंह राशि में रहेगा और रात 10:11 बजे कन्या राशि में प्रवेश करेगा।
सूर्य तुला राशि में स्थित है।
आज का नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी है, जो विवाह, व्यापार और नई शुरुआत के लिए अनुकूल माना गया है।
धनतेरस का महत्व
धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि का जन्म हुआ था। इसी कारण इस दिन स्वास्थ्य, दीर्घायु और धन की कामना से पूजा की जाती है। परंपरानुसार लोग आज के दिन सोना, चांदी, बर्तन या नए सामान की खरीद करते हैं। ऐसा करने से घर में लक्ष्मी का स्थायी वास होता है।
बाजारों में आज रौनक देखने को मिलेगी। सोने-चांदी की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ रहेगी और लोग शाम के शुभ मुहूर्त में दीपक जलाकर अपने घरों में सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।
आख़िर में जानें क्या करें और क्या न करें
- धनतेरस पर तांबे या चांदी के बर्तन खरीदना शुभ माना गया है।
- झाड़ू या लोहे का सामान खरीदने से बचें।
- सूर्यास्त के बाद घर के मुख्य द्वार पर दीप जलाना अत्यंत शुभ होता है।
- इस दिन भगवान धन्वंतरि के साथ देवी लक्ष्मी और कुबेर की पूजा करना उत्तम फल देता है।
धर्म-आस्था डेस्क, Voice of Bihar
(स्रोत: पंडित कैलाश मिश्र, भागलपुर एवं हिन्दू पंचांग गणना – 2025)


