
आज है प्रदोष व्रत और त्रयोदशी श्राद्ध
जानिए शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूजा का महत्व
प्रमुख तिथियाँ व पर्व
- आश्विन मास, कृष्णपक्ष, त्रयोदशी तिथि (रात 11:36 बजे तक), इसके बाद चतुर्दशी।
- आज शुक्रवार का प्रदोष व्रत है — शाम के समय भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना का महत्व।
- त्रयोदशी श्राद्ध भी आज — पितरों के तर्पण और श्राद्ध के लिए शुभ दिन।
नक्षत्र व चंद्रमा की स्थिति
- चंद्रमा: सुबह 7:05 बजे तक कर्क राशि में, इसके बाद सिंह राशि में प्रवेश।
- नक्षत्र: आश्लेषा नक्षत्र सुबह तक, उसके बाद मघा नक्षत्र।
आज के शुभ मुहूर्त
- अमृत काल: सुबह 5:35 बजे से 7:15 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:50 बजे से 12:39 बजे तक
अशुभ समय
- राहुकाल: सुबह 10:40 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक
- यमगण्ड काल: दोपहर 3:18 बजे से 4:50 बजे तक
पूजा का महत्व
आज का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। शुक्रवार के प्रदोष व्रत में शाम के समय भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। शिवलिंग पर जलाभिषेक, दीपक प्रज्ज्वलन और ओम नमः शिवाय का जाप शुभ माना गया है।
साथ ही, पितृपक्ष के अवसर पर त्रयोदशी श्राद्ध भी आज है। पितरों के तर्पण और श्राद्ध से परिवार पर पितरों का आशीर्वाद बना रहता है।
ज्योतिषाचार्य की राय
- शुक्रवार और प्रदोष का संयोग आर्थिक लाभ और पारिवारिक सुख के लिए उत्तम माना गया है।
- जिनकी कुंडली में ग्रहों का अशुभ प्रभाव है, वे शिव पूजन और व्रत से लाभ प्राप्त करेंगे।


