पटना। बिहार में बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बागमती और महानंदा नदी पर तीन नए बराज के निर्माण के लिए सर्वेक्षण कार्य शुरू कर दिया गया है। इन बराजों के बनने से राज्य के आठ जिलों की लाखों आबादी को बाढ़ से राहत मिलेगी, वहीं किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा भी उपलब्ध होगी।
बाढ़ के पानी को संचय करने की योजना
जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि बिहार से होकर बहने वाली नदियों का पानी हर साल भारी तबाही मचाने के बाद बंगाल की खाड़ी में चला जाता है। सरकार की रणनीति है कि बाढ़ के समय नदी के पानी का संचयन किया जाए और उसे सिंचाई समेत अन्य उपयोगी कार्यों में लगाया जाए। इसी उद्देश्य से बराज निर्माण की तैयारी तेज की गई है।
बागमती पर दो और महानंदा पर एक बराज
जल संसाधन विभाग के अनुसार—
- बागमती नदी पर दो बराज बनाए जाएंगे
- महानंदा नदी पर एक बराज का निर्माण होगा
राज्य सरकार ने वर्ष 2025 में ही इस परियोजना को मंजूरी दे दी थी। इसके बाद केंद्र सरकार की टीम और तकनीकी विशेषज्ञों ने महानंदा नदी पर प्रस्तावित बराज स्थल का निरीक्षण कर लिया है। जल्द ही बागमती नदी के स्थलों का भी निरीक्षण किया जाएगा।
इन जिलों को मिलेगा सीधा लाभ
बरसात के मौसम में बागमती और महानंदा नदियां हर साल भीषण बाढ़ का कारण बनती हैं। नए बराज बनने से—
- शिवहर
- सीतामढ़ी
- दरभंगा
- मुजफ्फरपुर
- खगड़िया
- पूर्णिया
- कटिहार
- किशनगंज
जैसे जिलों में बाढ़ से काफी हद तक राहत मिलेगी।
महानंदा नदी पर किशनगंज के तैयबपुर में बराज बनेगा, जिससे सीमांचल क्षेत्र के बड़े हिस्से को बाढ़ से सुरक्षा मिलेगी। वहीं बागमती नदी पर सीतामढ़ी के ढेंग और कटौझा में बराज का निर्माण किया जाएगा, जिससे उत्तर बिहार के व्यापक इलाके को लाभ होगा।
सिंचाई से किसानों को होगा सीधा फायदा
बराजों में संग्रहित पानी से बड़े पैमाने पर सिंचाई की सुविधा विकसित की जाएगी। इससे हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि को लाभ मिलेगा और किसानों की फसल उत्पादकता बढ़ेगी।
केंद्र से 11,500 करोड़ की सहायता
पिछले वर्ष केंद्र सरकार ने बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई परियोजनाओं के लिए 11,500 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की थी। इसी फंड से इन नए बराजों का निर्माण किया जाएगा।
बराजों की संख्या बढ़कर होगी छह
फिलहाल बिहार में तीन प्रमुख बराज मौजूद हैं—
- गंडक नदी पर बाल्मीकिनगर
- कोसी नदी पर बीरपुर
- सोन नदी पर इंद्रपुरी
तीन नए बराज बनने के बाद राज्य में बराजों की कुल संख्या छह हो जाएगी, जिससे उत्तर बिहार में बाढ़ प्रबंधन की क्षमता काफी मजबूत होगी।
दो महीने में बनेगी डीपीआर
जल संसाधन विभाग के अनुसार, सर्वेक्षण कार्य पूरा होने के दो महीने के भीतर डीपीआर (Detailed Project Report) तैयार कर ली जाएगी। इसके बाद निर्माण कार्य को तेजी से शुरू किया जाएगा।


