मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)। तमिलनाडु के महाबलीपुरम से 2178 किलोमीटर की लंबी और ऐतिहासिक यात्रा पूरी कर विश्व का सबसे बड़ा एकल ग्रेनाइट शिवलिंग बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में स्थित विराट रामायण मंदिर पहुंच गया है। 33 फीट ऊंचा और 210 मीट्रिक टन वजनी यह भव्य शिवलिंग 17 जनवरी को पांच पवित्र नदियों के जल से अभिषेक के साथ स्थापित किया जाएगा।
दस साल की मेहनत से हुआ निर्माण
इस विशाल शिवलिंग को महाबलीपुरम के पट्टीकाडु गांव में प्रसिद्ध शिल्पकार लोकनाथ और उनकी टीम ने एक ही ग्रेनाइट पत्थर से तराशा है। इसे तैयार करने में करीब 10 साल का समय लगा और लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत आई। 21 नवंबर को विधिवत पूजा-अर्चना के बाद शिवलिंग को विशेष ट्रेलर पर लादकर बिहार के लिए रवाना किया गया था।
गोपालगंज में आई सबसे बड़ी चुनौती
यात्रा के दौरान सबसे बड़ी चुनौती गोपालगंज जिले के डुमरिया घाट क्षेत्र में एनएच-27 पर स्थित जर्जर ओवरब्रिज साबित हुई। 110 से अधिक चक्कों वाले ट्रेलर समेत कुल वजन सैकड़ों टन होने के कारण पुल की मजबूती को लेकर गंभीर चिंता जताई गई। इसके बाद सड़क परिवहन मंत्रालय और एनएचएआई के विशेषज्ञों ने पुल के पिलर्स और गर्डर्स की गहन जांच की।
पांच घंटे में पार हुआ डुमरिया पुल
इंजीनियरों की निगरानी में ट्रैफिक पूरी तरह रोककर शिवलिंग को पुल से सुरक्षित पार कराया गया। इस प्रक्रिया में करीब पांच घंटे का समय लगा। इस दौरान बुलडोजर से फूलों की वर्षा की गई, जिससे पूरा दृश्य अत्यंत भव्य और भक्तिमय हो गया। सोमवार देर रात शिवलिंग पूर्वी चंपारण पहुंचा।
श्रद्धालुओं ने किया भव्य स्वागत
कड़ाके की ठंड के बावजूद हजारों श्रद्धालु घंटों सड़क किनारे खड़े रहकर शिवलिंग के स्वागत का इंतजार करते रहे। जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए, फूलमालाओं और रोशनी से रास्तों को सजाया गया। ढोल-नगाड़े, शंखनाद और “हर-हर महादेव” के जयकारों से पूरा क्षेत्र शिवमय हो उठा। कई स्थानों पर शिवलिंग को रोककर पूजा-अर्चना भी की गई।
सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था
मोतिहारी प्रशासन ने यात्रा के दौरान सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। चकिया डीएसपी के नेतृत्व में 150 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। हर चौराहे और प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल मौजूद रहा। गोपालगंज के डीएम और एसपी ने भीड़ और ट्रैफिक प्रबंधन के लिए विशेष रणनीति बनाई थी।
विराट रामायण मंदिर का विशेष महत्व
महावीर मंदिर न्यास द्वारा निर्मित विराट रामायण मंदिर विश्व का सबसे बड़ा रामायण मंदिर होगा। यह मंदिर 1080 फीट लंबा और 540 फीट चौड़ा होगा, जिसमें 18 शिखर और 22 मंदिर बनाए जाएंगे। मुख्य शिखर की ऊंचाई 270 फीट होगी। यह आचार्य किशोर कुणाल का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसे वर्ष 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
17 जनवरी को होगा अभिषेक, 2026 में प्राण प्रतिष्ठा
माघ कृष्ण चतुर्दशी, 17 जनवरी को पांच पवित्र नदियों के जल से शिवलिंग का भव्य अभिषेक किया जाएगा। मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, जनवरी-फरवरी 2026 में शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इस अवसर पर हेलिकॉप्टर से फूलों की वर्षा की जाएगी, जिससे यह आयोजन ऐतिहासिक बन जाएगा।


