महिला संवाद से निकली आवाज बनी नई योजनाओं की बुनियाद

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की बड़ी घोषणाएं, महिलाओं की आकांक्षाएं बनीं नीतियों की दिशा

भागलपुर, 21 जून 2025:राज्यभर में दो महीने तक चले महिला संवाद कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं की मांगों पर संजीदगी से विचार करते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। इन घोषणाओं ने यह साबित कर दिया कि अब नीतियों की दिशा, समाज की आधी आबादी की आवाज से तय होगी।

मुख्यमंत्री द्वारा की गई प्रमुख घोषणाएं:

  • सामाजिक सुरक्षा पेंशन ₹400 से बढ़ाकर ₹1100 प्रति माह
  • समूह ऋण पर ब्याज दर घटाकर 7%
  • हर पंचायत में बनेगा विवाह भवन
  • कैडर मानदेय में दो गुना वृद्धि
  • प्रत्येक प्रखंड कार्यालय में शुरू होगी जीविका दीदी की रसोई

महिलाओं की बातें बनीं नीतियों की प्रेरणा

पटना स्थित एक अणे मार्ग में मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित समीक्षात्मक बैठक में मुख्यमंत्री ने महिला प्रतिनिधियों से संवाद किया और संवाद कार्यक्रम के दौरान आई मांगों को नीतिगत निर्णयों में तब्दील कर दिया।

महिलाओं ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सामुदायिक विवाह भवन, जीविका दीदियों के लिए रसोई योजना, और समूह ऋण पर ब्याज घटाने की बातें रखी थीं। मुख्यमंत्री ने इन मांगों को तुरंत नीतिगत स्तर पर स्वीकृति दी।


जिलों से हुई वर्चुअल भागीदारी, भागलपुर से जीविका दीदियाँ रहीं शामिल

इस समीक्षा बैठक से सभी जिलों के डीएम और जीविका समूहों की दीदियाँ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ीं।
भागलपुर समाहरणालय स्थित समीक्षा भवन में डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी, उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह एवं जिला परियोजना प्रबंधक सुनिर्मल गरेन समेत जिले के 16 प्रखंडों से जीविका समूहों की दीदियाँ उपस्थित रहीं।

डीएम ने बैठक से पूर्व जीविका दीदियों से संवाद कर उनके अनुभव और सुझाव सुने।


समाज की नई इबारत लिख रही हैं महिलाएं

महिला संवाद कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इसमें सिर्फ जीविका समूह की सदस्य ही नहीं, बल्कि अन्य महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल हुईं।
उन्होंने स्थानीय स्तर की समस्याओं से लेकर नीतिगत सुधारों तक की बातें कीं — जिससे यह कार्यक्रम जन-संवाद की एक मिसाल बन गया।

महिला संवाद से यह स्पष्ट हो गया है कि अब राज्य सरकार की योजनाएं महज कागजों पर नहीं बनेंगी, बल्कि जमीनी सच्चाई और लोगों की प्राथमिकताओं से प्रेरित होंगी। मुख्यमंत्री की घोषणाएं इस बात का प्रतीक हैं कि महिलाओं की आवाज़ अब न केवल सुनी जा रही है, बल्कि उस पर अमल भी किया जा रहा है।


 

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