
पटना: बिहार सरकार ने राज्य में प्रशासनिक कामकाज को और सुव्यवस्थित करने तथा शिक्षा और रोजगार के ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में तीन नए विभागों के गठन को मंजूरी दे दी गई।
ये तीन विभाग बनाए गए:
- युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग
- उच्च शिक्षा विभाग
- सिविल विमानन विभाग
इन तीन विभागों के गठन के साथ अब बिहार में कुल 48 विभाग कार्यरत होंगे। कैबिनेट सचिवालय ने नए विभागों के कार्य और जिम्मेदारियों को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है।
उच्च शिक्षा विभाग को सौंपे गए 17 महत्वपूर्ण दायित्व
नया गठित उच्च शिक्षा विभाग विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और उच्च शैक्षणिक ढांचे से जुड़े सभी प्रमुख कार्यों को संभालेगा। इसके जिम्मे निम्नलिखित 17 महत्वपूर्ण कार्य होंगे:
1. विश्वविद्यालय स्तर की शिक्षा और संबंधित अधिनियमों का प्रशासन
2. विश्वविद्यालयों में पुस्तकालयों की स्थापना
3. शोध संस्थानों का प्रशासनिक नियंत्रण
- K.P. जायसवाल शोध संस्थान
- A.N. सिन्हा सामाजिक अध्ययन संस्थान
- जगजीवन राम संसदीय अध्ययन संस्थान
- ललित नारायण मिश्र प्रबंधन संस्थान आदि
4. विश्वविद्यालय शिक्षा से संबंधित शैक्षणिक परियोजनाओं के लिए न्यास एवं अक्षय निधियों का प्रशासन
5. विशेष अध्ययन एवं शोध की अभिवृद्धि
6. उच्च शिक्षा, शोध एवं विज्ञान संस्थानों के स्तरों का समन्वय
7. बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC)
8. विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों में शैक्षणिक/गैर-शैक्षणिक कर्मियों से संबंधित नीति निर्धारण
9. विभाग के अधीन सभी पदाधिकारियों का नियंत्रण
10. विभागीय भवनों का प्रशासनिक प्रभार
11. शिक्षा से संबंधित अधिनियमों का प्रभार
12. भाषायी अकादमियों का गठन एवं नियंत्रण
- संस्कृत, प्राकृत, पाली, मैथिली, मगही, भोजपुरी, बांग्ला अकादमी
13. बिहार राष्ट्रभाषा परिषद
14. बिहार हिंदी ग्रंथ अकादमी
15. शिक्षक-शिक्षा तथा शिक्षक प्रशिक्षण
16. विधि, प्रबंधन, प्रायोगिकी आदि विषयों में उच्च शिक्षा प्रदान करने वाले संस्थानों का गठन और प्रबंधन
17. दूरस्थ शिक्षा का संचालन


