
कटिहार। शिक्षा को समाज का दर्पण और स्कूलों को ज्ञान का मंदिर माना जाता है, जहाँ एक शिक्षक माता-पिता के बाद बच्चे का सबसे बड़ा संरक्षक होता है। लेकिन जब वही संरक्षक ‘भक्षक’ बन जाए, तो समाज का आक्रोश ज्वालामुखी बनकर फटता है। बिहार के कटिहार जिले के कोढ़ा प्रखंड से एक ऐसी ही रूह कंपा देने वाली और शर्मनाक घटना सामने आई है, जिसने गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते की मर्यादा को तार-तार कर दिया है। मधुरा पंचायत स्थित उत्क्रमित माध्यमिक उच्च विद्यालय में एक शिक्षक द्वारा अपनी ही छात्रा के साथ की गई ‘गंदी हरकत’ ने न केवल शिक्षा विभाग के दावों की पोल खोल दी है, बल्कि पूरे इलाके में तनाव और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है। शिक्षक की इस घृणित करतूत के बाद ग्रामीणों ने ‘ऑन द स्पॉट’ इंसाफ करते हुए उसकी जमकर धुलाई कर दी, जिससे विद्यालय परिसर किसी जंग के मैदान में तब्दील हो गया।
मर्यादा भूला ‘हवसी’ मास्टर: शिक्षा के मंदिर में कालिख मलने वाली करतूत
घटना कोढ़ा प्रखंड के मधुरा पंचायत की है। यहाँ स्थित उत्क्रमित माध्यमिक उच्च विद्यालय में धर्मेन्द्र कुमार राम नामक शिक्षक कार्यरत था। ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धर्मेन्द्र कुमार राम पिछले कुछ समय से अपनी गरिमा को भूलकर एक छात्रा पर बुरी नजर रख रहा था। शुक्रवार को बात तब और बिगड़ गई जब शिक्षक ने अपनी सीमाओं को पूरी तरह लांघते हुए छात्रा के साथ अश्लील और घृणित हरकतें शुरू कर दीं।
छात्रा ने जब इस बात का विरोध किया और शोर मचाया, तो विद्यालय में मौजूद अन्य बच्चों और आसपास के ग्रामीणों को मामले की भनक लग गई। जैसे ही यह खबर आग की तरह गांव में फैली कि ‘गुरुजी’ ही छात्रा की अस्मत से खिलवाड़ करने की कोशिश कर रहे हैं, सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण लाठी-डंडों के साथ स्कूल परिसर की ओर दौड़ पड़े। लोगों का कहना है कि जिस शिक्षक को बच्चों का भविष्य संवारना चाहिए था, वह खुद बच्चों के भविष्य और उनके सम्मान के साथ खिलवाड़ कर रहा था।
भीड़ का ‘इंसाफ’ और स्कूल परिसर में तांडव
आक्रोशित ग्रामीणों ने कानून को अपने हाथ में लेने में देर नहीं लगाई। जैसे ही भीड़ ने आरोपी शिक्षक धर्मेन्द्र कुमार राम को घेरा, लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। ग्रामीणों ने शिक्षक को कमरे से बाहर खींच निकाला और उसकी सरेआम ‘खातिरदारी’ शुरू कर दी। विद्यालय परिसर, जहाँ सुबह प्रार्थना की गूँज होती थी, वहां दोपहर में गालियों और थप्पड़ों की आवाज सुनाई देने लगी।
भीड़ ने शिक्षक को बेरहमी से पीटा। गुस्सा इतना ज्यादा था कि लोग उसे जान से मारने पर उतारू थे। शिक्षक धर्मेन्द्र कुमार राम बार-बार रहम की भीख मांगता रहा, लेकिन छात्रा के साथ हुई बदसलूकी के आगे ग्रामीणों का दिल नहीं पसीजा। पिटाई के कारण शिक्षक का चेहरा और शरीर लहूलुहान हो गया। स्थिति इतनी बेकाबू हो गई थी कि स्कूल के अन्य कर्मचारी और शिक्षक भी बीच-बचाव करने की हिम्मत नहीं जुटा सके।
कोलाशी पुलिस की एंट्री और ‘रेस्क्यू’ ऑपरेशन
घटना की जानकारी मिलते ही कोलाशी पुलिस की टीम तुरंत हरकत में आई। पुलिस बल जब विद्यालय पहुँचा, तो नजारा बेहद खौफनाक था। सैकड़ों की भीड़ शिक्षक को घेरे हुए थी और उस पर प्रहार कर रही थी। पुलिस कर्मियों को ग्रामीणों के चंगुल से शिक्षक को छुड़ाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने किसी तरह भीड़ को खदेड़ा और घायल शिक्षक को अपनी कस्टडी में लिया।
पुलिस की तत्परता के कारण शिक्षक की जान तो बच गई, लेकिन उसकी हालत काफी गंभीर बनी हुई थी। कोलाशी पुलिस ने तत्काल उसे वाहन में बिठाया और कोढ़ा पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) लेकर पहुँची। फिलहाल, शिक्षक अस्पताल के बेड पर है और उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने विद्यालय परिसर में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है ताकि दोबारा हिंसा न भड़के।
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) का कड़ा रुख: “बर्दाश्त नहीं होगी ऐसी गंदगी”
इस शर्मनाक घटना के बाद शिक्षा विभाग भी ‘एक्शन मोड’ में आ गया है। कोढ़ा की प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी प्रियंका कुमारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जाँच के आदेश दिए हैं। प्रियंका कुमारी ने बताया कि उन्हें ग्रामीणों के माध्यम से शिक्षक धर्मेन्द्र कुमार राम की इस करतूत की मौखिक जानकारी प्राप्त हुई है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा— “हमें ग्रामीणों के माध्यम से इस घटना की मौखिक सूचना मिली है। हालांकि अभी आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन मामला बेहद गंभीर है। अगर शिक्षक पर लगे आरोप सही पाए जाते हैं, तो उन पर कठोरतम कार्रवाई (Strict Action) की जाएगी। शिक्षा के मंदिर में ऐसी गंदगी बर्दाश्त नहीं होगी।” शिक्षा विभाग अब इस बात की भी पड़ताल कर रहा है कि क्या उक्त शिक्षक पहले भी ऐसी गतिविधियों में शामिल रहा है।
समाज में बढ़ता आक्रोश और सुरक्षा पर सवाल
कटिहार की यह घटना कोई पहली वारदात नहीं है जहाँ गुरु की आड़ में छिपे किसी अपराधी ने छात्रा के साथ बदतमीजी की हो। लेकिन ग्रामीणों द्वारा किया गया ‘ऑन द स्पॉट’ फैसला यह दर्शाता है कि अब समाज का कानून और व्यवस्था पर से भरोसा कम होता जा रहा है। लोगों को लगता है कि कानूनी प्रक्रिया में देरी के कारण ऐसे ‘हवसी’ मास्टर बच निकलते हैं, इसीलिए वे खुद ही सजा देने पर उतर आते हैं।
हालांकि, पुलिस का कहना है कि किसी भी स्थिति में कानून को हाथ में लेना सही नहीं है। ग्रामीणों को चाहिए था कि वे शिक्षक को पकड़कर पुलिस के हवाले करते। अब पुलिस इस मामले की दो एंगल से जांच कर रही है— पहला, शिक्षक द्वारा छात्रा के साथ की गई अश्लील हरकत, और दूसरा, ग्रामीणों द्वारा की गई हिंसक मारपीट।
छात्रा और परिवार की स्थिति: भविष्य पर मंडराता खतरा
इस पूरी घटना में सबसे ज्यादा प्रभावित वह छात्रा और उसका परिवार है। इस तरह की घटनाओं के बाद अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों की पढ़ाई छुड़वा दी जाती है। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा देने वाली सरकार के लिए कटिहार का यह मामला एक बड़ी चुनौती है। अगर स्कूल के भीतर ही बेटियां सुरक्षित नहीं रहेंगी, तो अभिभावक उन्हें स्कूल भेजने की हिम्मत कैसे जुटा पाएंगे?
पीड़ित छात्रा फिलहाल सदमे में है और उसका परिवार डरा हुआ है। ग्रामीणों की मांग है कि आरोपी शिक्षक को न केवल बर्खास्त किया जाए, बल्कि उसे ऐसी सजा मिले जो मिसाल बन सके ताकि भविष्य में कोई दूसरा शिक्षक ऐसी घिनौनी हरकत करने की हिम्मत न कर सके।
निष्कर्ष: सुशासन के दावों की कसौटी
कटिहार के कोढ़ा में जो कुछ भी हुआ, वह सभ्य समाज के माथे पर कलंक है। धर्मेन्द्र कुमार राम जैसे लोग शिक्षक कहलाने के लायक नहीं हैं, जिन्होंने कलम पकड़ने वाले हाथों का इस्तेमाल अपनी हवस को पूरा करने के लिए किया। लेकिन साथ ही, भीड़ का हिंसक होना भी एक नई चुनौती को जन्म देता है।
अब सबकी नजरें कोढ़ा पुलिस और शिक्षा विभाग की रिपोर्ट पर टिकी हैं। क्या प्रियंका कुमारी द्वारा कही गई ‘कठोरतम कार्रवाई’ वास्तव में धरातल पर उतरेगी? क्या पीड़ित छात्रा को न्याय मिलेगा? ये ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब कटिहार की जनता चाहती है। फिलहाल, विद्यालय में सन्नाटा पसरा है और कोलाशी पुलिस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है। ‘द वॉइस ऑफ बिहार’ की टीम इस खबर पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है।
घटना का संक्षेप:
- आरोपी शिक्षक: धर्मेन्द्र कुमार राम।
- स्थान: उत्क्रमित माध्यमिक उच्च विद्यालय, मधुरा पंचायत, कोढ़ा (कटिहार)।
- आरोप: छात्रा के साथ अश्लील हरकत।
- कार्रवाई: ग्रामीणों द्वारा जमकर पिटाई, पुलिस द्वारा रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती।
- प्रशासनिक रुख: बीईओ प्रियंका कुमारी द्वारा जाँच और सख्त कार्रवाई का आश्वासन।


