
रीवा, 10 अप्रैल 2026: मध्य प्रदेश के रीवा स्थित एक कॉलेज में छात्रा के साथ कथित तौर पर अशोभनीय व्यवहार का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। कॉलेज प्रशासन ने आरोपी अतिथि शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल प्रभाव से सेवा से हटा दिया है।
छात्रा को भेजे आपत्तिजनक संदेश
जानकारी के अनुसार, कॉलेज के भूगोल विभाग में कार्यरत एक अतिथि शिक्षक पर आरोप है कि उन्होंने बीए प्रथम वर्ष की छात्रा को व्हाट्सएप के जरिए लगातार आपत्तिजनक और निजी संदेश भेजे।
आरोप है कि शिक्षक ने छात्रा पर व्यक्तिगत मुलाकात का दबाव भी बनाया और उसे अपने कमरे पर आने के लिए कहा। जब छात्रा ने इसका विरोध किया, तो उसे अप्रत्यक्ष रूप से करियर और पढ़ाई को लेकर डराने की कोशिश की गई।
शिकायत के बाद बढ़ा मामला
छात्रा ने हिम्मत दिखाते हुए इन संदेशों के स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखे और अपने परिजनों के साथ-साथ कॉलेज प्रबंधन को पूरी जानकारी दी।
बताया जा रहा है कि जब छात्रा ने शिकायत की, तो आरोपी शिक्षक ने उसे मैसेज डिलीट करने के लिए दबाव बनाया और चुप रहने की धमकी भी दी।
छात्रों का प्रदर्शन, प्रशासन हरकत में
मामला सामने आते ही कॉलेज में छात्रों के बीच आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में छात्रों ने परिसर में प्रदर्शन करते हुए आरोपी शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
स्थिति को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने तुरंत एक जांच समिति गठित की और पूरे मामले की जांच शुरू की।
जांच में दोष सिद्ध, शिक्षक बर्खास्त
जांच के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आरोपी शिक्षक को दोषी पाया गया। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए लिखित में माफी भी मांगी।
इसके बाद कॉलेज प्रबंधन ने बिना देरी किए उन्हें पद से हटा दिया।
शिक्षा व्यवस्था पर सवाल
यह घटना एक बार फिर शिक्षा संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा और शिक्षकों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
आगे क्या
फिलहाल कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्रा की सुरक्षा और गोपनीयता को प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त निगरानी और नियम लागू किए जाएंगे।
यह मामला न केवल रीवा बल्कि पूरे प्रदेश में शिक्षा संस्थानों की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर बहस को तेज कर सकता है।


