‘सरकार युवाओं से डर गई है’: CJP संसद मार्च पर संजय राउत का बड़ा हमला, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के ‘चलो संसद’ मार्च को लेकर हुए विवाद के बीच शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने संसद की ओर मार्च कर रहे छात्रों को दिल्ली पुलिस द्वारा रोके जाने को अलोकतांत्रिक बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की आवाज से घबरा गई है।

‘सरकार युवाओं से डरी हुई है’

संजय राउत ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कहा कि सरकार छात्रों के आंदोलन से भयभीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग, आंसू गैस, पानी की बौछार और लाठीचार्ज जैसे कदम उठाए गए, लेकिन इसके बावजूद युवाओं का आंदोलन नहीं थमा।

उन्होंने कहा कि यह आंदोलन देश के युवाओं में बढ़ते असंतोष का संकेत है और सरकार को दमन के बजाय संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।

‘लोकतंत्र में बातचीत होनी चाहिए, दमन नहीं’

राउत ने कहा कि एक लोकतांत्रिक सरकार प्रदर्शनकारियों को रोकने के बजाय उनकी बात सुनती है। उनके मुताबिक, यदि छात्र अपनी मांगों को लेकर संसद तक जाना चाहते हैं, तो सरकार को उनसे बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “’56 इंच का सीना’ अब कांप रहा है।”

संवैधानिक संस्थाओं पर भी उठाए सवाल

अपने बयान में राउत ने केंद्रीय जांच एजेंसियों और कुछ संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसियां स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर रही हैं और सरकार के प्रभाव में हैं।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

संजय राउत ने NEET पेपर लीक विवाद को लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। उनका कहना था कि इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री को लेनी चाहिए।

‘सरकार संवाद करे, अदालत भी पहल करे’

राउत ने कहा कि सरकार को छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुनना चाहिए और सार्थक बातचीत शुरू करनी चाहिए। उन्होंने न्यायपालिका से भी अपील की कि वह केवल स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं तक सीमित न रहे, बल्कि सरकार को छात्रों के साथ पारदर्शी संवाद करने की दिशा में भी आवश्यक निर्देश देने पर विचार करे।

CJP के संसद मार्च को लेकर दिल्ली में सोमवार को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई जगह झड़पें हुई थीं। इसके बाद से इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं।

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