
भागलपुर: गंगा नदी की स्वच्छता, निर्मलता और अविरलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार को समाहरणालय स्थित समीक्षा कक्ष में जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में गंगा संरक्षण से जुड़े कार्यों की प्रगति का आकलन किया गया और सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा में योजनाओं को पूरा करने के निर्देश दिए गए।
गंगा संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बताया
बैठक में जिला पदाधिकारी ने कहा कि नमामि गंगे केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने कहा कि गंगा की स्वच्छता और संरक्षण के लिए सभी विभाग गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।
एसटीपी, जलापूर्ति और अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा
समीक्षा बैठक में जलापूर्ति व्यवस्था, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन (आईपीएस), शवदाह गृह निर्माण, बायो-मेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और वृक्षारोपण अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। संबंधित विभागों ने अपने-अपने कार्यों की अद्यतन स्थिति और आगामी कार्ययोजना प्रस्तुत की।
प्रदूषण रोकने के लिए दिए निर्देश
जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गंगा तटों पर स्वच्छता व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाए तथा ठोस और तरल अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बिना उपचार के किसी भी प्रकार का अपशिष्ट गंगा नदी में प्रवाहित नहीं होना चाहिए। साथ ही निर्माणाधीन परियोजनाओं को तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने पर भी जोर दिया।
जनजागरूकता और वृक्षारोपण पर बल
बैठक में गंगा संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए स्थानीय निकायों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान और जनसहभागिता आधारित कार्यक्रमों को गति देने का निर्णय लिया गया।
समयबद्ध लक्ष्य पूरा करने के निर्देश
जिला पदाधिकारी ने सभी विभागों को नियमित अनुश्रवण, बेहतर समन्वय और समयबद्ध कार्रवाई के माध्यम से नमामि गंगे योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि गंगा को स्वच्छ, निर्मल और प्रदूषणमुक्त बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल किया जा सके।
नोट: यह समाचार जिला जनसंपर्क कार्यालय, भागलपुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।


