खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):
- सनसनीखेज: नवगछिया के बोरया गांव में ‘ऑनर किलिंग’ जैसी वारदात; दो दोस्तों की बेरहमी से हत्या।
- वारदात: प्रेमिका से मिलने पहुंचे युवक के साथ आए दो दोस्तों को उतारा मौत के घाट।
- बच निकला प्रेमी: मुख्य प्रेमी अजेश गोली लगने के बाद भी भागने में रहा सफल, अस्पताल में भर्ती।
- पुलिस एक्शन: नवगछिया एसपी की SIT ने 24 घंटे में 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार।
भागलपुर/नवगछिया: बिहार के भागलपुर जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने ‘दोस्ती’ और ‘दुश्मनी’ के खौफनाक चेहरे को उजागर कर दिया है। नवगछिया थाना क्षेत्र में एक युवक को अपनी प्रेमिका से मिलना इतना महंगा पड़ा कि उसके दो बेगुनाह दोस्तों को अपनी जान गंवानी पड़ी। भाई ने जब अपनी बहन को प्रेमी के साथ कमरे में देखा, तो उसका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया और उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर ‘खूनी खेल’ खेल डाला।
कमरे के बाहर ‘दोस्ती’ का पहरा, अंदर मौत का घेरा
पूरी घटना किसी थ्रिलर फिल्म की तरह घटित हुई:
- मिलने का प्लान: खगड़िया निवासी अजेश कुमार अपनी प्रेमिका से मिलने उसके घर (बोरया गांव) पहुँचा था।
- पहरा: अजेश जब कमरे में युवती के साथ था, उसके दो दोस्त गुलशन और नीरज बाहर निगरानी कर रहे थे ताकि कोई देख न ले।
- पकड़े गए: युवती के परिजनों की नजर उन पर पड़ गई। भाई और अन्य सदस्यों ने तीनों को दबोच लिया और बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी।
बागान में ले जाकर ‘डेथ वारंट’ जारी
आरोप है कि गुस्साए परिजन तीनों को घसीटते हुए पास के एक सुनसान बागान में ले गए।
- अंधाधुंध फायरिंग: वहां विवाद और बढ़ा और परिजनों ने तीनों पर गोलियां बरसा दीं।
- दो की मौत: इस गोलीबारी में गुलशन और नीरज की मौके पर ही मौत हो गई।
- प्रेमी घायल: मुख्य टारगेट अजेश को भी गोली लगी, लेकिन वह अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। फिलहाल वह अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है।
साक्ष्य मिटाने की कोशिश और पुलिस का ‘हंटर’
हत्यारों ने साक्ष्य छुपाने के लिए दोनों दोस्तों के शवों को सड़क किनारे फेंक दिया था। सुबह शव मिलने से इलाके में कोहराम मच गया।
- SIT का गठन: नवगछिया एसपी ने तुरंत SIT और FSL टीम को मौके पर भेजा।
- त्वरित कार्रवाई: तकनीकी अनुसंधान के आधार पर पुलिस ने छापेमारी की और 24 घंटे के भीतर 5 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
VOB का नजरिया: क्या दोस्तों की जान की कोई कीमत नहीं?
यह घटना समाज के उस काले सच को दिखाती है जहाँ ‘झूठी शान’ के नाम पर किसी की भी बलि चढ़ा दी जाती है। सबसे दुखद पहलू यह है कि गुलशन और नीरज का इस प्रेम प्रसंग से सीधा लेना-देना नहीं था, वे केवल अपने दोस्त की मदद कर रहे थे। पुलिस ने 24 घंटे में आरोपियों को पकड़कर सराहनीय कार्य किया है, लेकिन ऐसे ‘सनकी’ अपराधियों को फांसी की सजा दिलाना ही न्याय होगा।


