‘बाबा’ बोलते ही बिगड़ गया माहौल-गयाजी में डिप्टी सीएम विजय सिन्हा की मीटिंग में फूटा जनआक्रोश, बुजुर्ग बोले- “उठाकर पटक देंगे”

गयाजी | विशेष संवाददाता

बिहार के गयाजी में आयोजित भूमि सुधार जनकल्याण संवाद उस वक्त हंगामे में बदल गया, जब उप मुख्यमंत्री सह राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा की मौजूदगी में अचानक लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
बोधगया स्थित कन्वेंशन सेंटर में आम जनता की समस्याएं सुनने के लिए बुलाई गई यह बैठक कुछ ही देर में तीखी बहस और नारेबाजी में बदल गई।


मंत्री के सवाल से भड़की भीड़

संवाद के दौरान मंत्री विजय सिन्हा ने मंच से सवाल किया—
“राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में हमारी कोशिशों का कितना असर दिख रहा है?”

बस यही सवाल भीड़ के लिए चिंगारी बन गया। दर्जनों लोग एक साथ खड़े हो गए और जोरदार नारे लगाने लगे।
लोगों का कहना था कि गयाजी में हालात जस के तस हैं और विभाग में आम आदमी की कोई सुनवाई नहीं हो रही।


अधिकारियों पर रिश्वत और मनमानी के आरोप

सभा में मौजूद लोगों ने खुले तौर पर राजस्व अधिकारियों पर रिश्वतखोरी, फाइलें दबाने और काम लटकाने के आरोप लगाए।
महिलाओं ने भी अपनी जमीन से जुड़ी समस्याएं सामने रखीं।

भीड़ का कहना था कि भले ही अन्य जिलों में सुधार हुआ हो, लेकिन गया जी में अधिकारी अपनी मनमानी चला रहे हैं और जनता परेशान है।


‘बाबा बैठ जाइए’… और भड़क गया बुजुर्ग

हंगामे के बीच जब कर्मचारी लोगों को शांत कराने की कोशिश कर रहे थे, तभी भीड़ में बैठे एक बुजुर्ग गुस्से में खड़े हो गए और चिल्लाने लगे—
“कोई सुनता ही नहीं है!”

इसी दौरान पीछे बैठे एक व्यक्ति ने उनसे कहा—
“बाबा, बैठ जाइए।”

बस फिर क्या था… बुजुर्ग का पारा चढ़ गया।


मुठ्ठी बांधकर बोले— “बूढ़ा समझ रखा है क्या!”

‘बाबा’ शब्द सुनते ही बुजुर्ग तैश में आ गए। मुठ्ठी बांधते हुए उन्होंने कहा—

“बूढ़ा समझ रखा है क्या? बादल फाड़ देंगे… उठाकर पटक देंगे!”

उनके इस बयान से कुछ देर के लिए सभा में सन्नाटा छा गया, फिर माहौल और ज्यादा गरमा गया।


प्रशासन के लिए चेतावनी

यह घटना साफ संकेत है कि जमीन और राजस्व से जुड़ी समस्याओं को लेकर जनता में गहरा असंतोष है।
लोग अब सिर्फ आश्वासन नहीं, जमीनी बदलाव चाहते हैं।


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